इंदौर:भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी इंदौर में शुक्रवार को शैक्षणिक सत्र 2026-27 का शुभारंभ हुआ. ओरिएंटेशन कार्यक्रम के माध्यम से संस्थान ने 573 नवप्रवेशित स्नातक विद्यार्थियों का स्वागत किया. इस दौरान विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुसंधान संस्कृति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी गई.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बख्शी, वीएसएम, कमांडेंट, एमसीटीई महू रहे, जबकि अध्यक्षता आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने की. मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बख्शी ने विद्यार्थियों से तकनीक और नवाचार को राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने का आह्वान करते हुए एमसीटीई, महू की उन्नत तकनीकी सुविधाओं से परिचित होने के लिए आमंत्रित किया. प्रो. जोशी ने कहा कि आईआईटी इंदौर देश के तेजी से उभरते आईआईटी में शामिल है और एनआईआरएफ रैंकिंग में 12वें स्थान पर है.
उन्होंने विद्यार्थियों से समाज की समस्याओं के समाधान से जुड़े नवाचार और शोध पर कार्य करने का आह्वान किया. साथ ही जेनेसिस 5.0 इंडक्शन कार्यक्रम के तहत अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, मेकर्स्पेस, खेल सुविधाओं और परिसर जीवन से परिचित कराने की जानकारी दी. ओरिएंटेशन के दौरान विद्यार्थियों को शैक्षणिक नीतियों, अनुसंधान के अवसरों, छात्र सहायता सेवाओं और परिसर जीवन की जानकारी दी गई. संवादात्मक सत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.
