
जबलपुर। उखरी रोड स्थित विवेकानंद वार्ड में अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम, जबलपुर विकास प्राधिकरण और पुलिस की संयुक्त टीम को शुक्रवार दोपहर उस समय विरोध का सामना करना पड़ा, जब बस्ती के सैकड़ों रहवासी सड़क पर उतर आए और चक्का जाम कर दिया। अचानक हुए विरोध के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रशासन द्वारा पुनर्वास का आश्वासन दिए जाने और फ्लैट आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा के बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया
जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार केसरवानी शिक्षा समिति की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। कार्रवाई शुरू होते ही बस्ती के लोग सड़क पर बैठ गए और पुनर्वास की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने मोर्चा संभाला तथा लोगों से लगातार बातचीत की। विदित हो कि गत दिवस की टीम द्वारा शताब्दीपुरम इलाके में जमे अवैध कब्जों को जमींदोज किया गया था और करोड़ो की जेडीए की जमीन को कब्जा मुक्त किया गया था।
मामले की सूचना मिलते ही उत्तर-मध्य विधानसभा क्षेत्र के विधायक अभिलाष पांडे भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन, जेडीए और केसरवानी समाज के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर बस्तीवासियों को पुनर्वास का भरोसा दिलाया। इस दौरान विधायक ने कहा कि बारिश के मौसम को देखते हुए किसी भी परिवार को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जेडीए के खाली पड़े ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में पात्र परिवारों को बसाने की तैयारी की जा रही है।
विधायक ने लगाई जमकर फटकार
इस दौरान विधायक अभिलाष ने मौके पर मौजूद आमले को जमकर फटकार भी लगाई और कहा कि गर्मी निकल गई, ठंड निकल गई उस समय अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई और आज जब बारिश सिर पर है तो गरीबों की छत छीनी जा रही है। विधायक का लड़ा रुख देखकर कार्रवाई करने पहुंचे अमले ने अपने पैर पीछे किए और अपने आला अधिकारियों को इस संबंध में सूचना दी। इस मार्क पर विधायक ने अमले को सख्त रुख के साथ ये भी कहा कि नौटंकी चल रही है यहां पर, बुलाओ जेडीए सीईओ को, जिसे सुनकर सभी हैरान हो गए।
विधायक अभिलाष पांडे ने स्पष्ट कहा कि फ्लैट के लिए लगने वाली 20 हजार की पंजीयन राशि की व्यवस्था उनकी ओर से मुहैया कराई जाएगी। करीब 5.50 लाख कीमत वाले फ्लैट पात्र हितग्राहियों को लगभग 3.84 लाख की लागत पर उपलब्ध कराने और शेष राशि के लिए आसान किस्तों में वित्तीय व्यवस्था कराने का भी प्रयास किया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार से ही पात्र हितग्राहियों के आवेदन भरने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई।
उधर पुलिस के अनुसार यह पूरी कार्रवाई म हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत की जा रही है। केसरवानी शिक्षा समिति की भूमि पर वर्षों से किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए नगर निगम, जेडीए और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
