पेरिस, 24 जुलाई (वार्ता) फ्रांस, स्पेन और इटली सहित पूरा दक्षिणी यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी और तेज हवाओं के कारण भड़की जंगल की आग से जूझ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्पेन में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया गया है, जबकि फ्रांस ने यूरोपीय संघ (ईयू) से आपातकालीन मदद मांगी है। स्पेन की राजधानी मैड्रिड और आविला प्रांत के आसपास के जंगलों में आग तेजी से फैल रही है। मैड्रिड के पश्चिम में स्थित विला डेल प्राडो और सैन मार्टिन दे वाल्देइग्लेसियास कस्बों में आग पर फिलहाल काबू नहीं पाया जा सका है। एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। मौसम विभाग के अनुसार देश के कई हिस्सों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
दूसरी ओर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए ईयू के नागरिक सुरक्षा तंत्र को सक्रिय करने का अनुरोध किया है। फ्रांस के दक्षिण-पश्चिम प्रांत जिरोंद के साउमोस क्षेत्र से मंगलवार को शुरू हुई आग तेजी से ले पोर्ज और लेज काप-फेरे की ओर बढ़ गई है। इसने ‘लांदेस दे गास्कोन’ के जंगलों और आर्काचोन बेसिन के उत्तर में लगभग 1,400 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को चपेट में ले लिया है। समूचे जिरोंद में अब तक 8,700 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र जल चुका है और लगभग 20 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। मदद के लिए क्रोएशिया, पुर्तगाल, चेक गणराज्य और स्लोवाकिया से दमकल विमान और हेलीकॉप्टर भेजे जा रहे हैं। आग पर काबू पाने की कोशिश में अब तक दो दमकल कर्मचारियों की मौत भी हो गयी है।
उधर, इटली के सिलीसी द्वीप में दमकलकर्मियों, वन रक्षकों और नागरिक सुरक्षा अधिकारियों सहित करीब छह हजार कर्मी आग बुझाने में जुटे हैं। सैन कैटाल्डो में ड्यूटी के दौरान एक दमकलकर्मी की मौत हो गई, जिस पर प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। यूरोपीय वन अग्नि सूचना प्रणाली के आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष की शुरुआत से अब तक यूरोपीय संघ में 2,54,388 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका है।

