मनीला, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फिलीपीन की राजधानी मनीला में आयोजित 33वें आसियान क्षेत्रीय मंच (एआरएफ) की मंत्री-स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए आतंकवाद के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं (जीरो टॉलरेंस) की नीति पर जोर दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकना बेहद जरूरी है और ऐसे कृत्यों में शामिल लोगों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
समुद्री सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता पर जोर
बैठक के दौरान विदेश मंत्री ने रेखांकित किया कि समुद्री जहाजों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से व्यापार बिना किसी रुकावट और पूरी सुरक्षा के साथ जारी रहना चाहिए, जिसके लिए भारत क्वाड और अन्य पहलों के जरिए सक्रिय योगदान दे रहा है।
आपदा राहत और क्षेत्रीय सहयोग में भारत की अग्रणी भूमिका
आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने श्रीलंका, म्यांमार और अफगानिस्तान सहित अन्य देशों में संकट के समय पहुंचाई गई मानवीय मदद का जिक्र किया। साथ ही, उन्होंने साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और दक्षिण चीन सागर में अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन की वकालत की।

