इंदौर: दिल्ली में छात्रों और युवाओं पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई एवं लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को इंदौर में नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (एनईवाययू) द्वारा प्रस्तावित स्टूडेंट्स जस्टिस मार्च एवं न्याय यात्रा 3.0 पुलिस के कड़े सुरक्षा प्रबंधों के चलते शुरू होने से पहले ही रुक गई.संगठन के अनुसार यह मार्च दीनदयाल गार्डन भोलाराम उस्ताद मार्ग से महात्मा गांधी प्रतिमा, रीगल स्म्ेयर तक निकाला जाना था. प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था कर दी थी. बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया, जिसके कारण मार्च आगे नहीं बढ़ सका.
बताया गया कि पुलिस ने संगठन के कई पदाधिकारियों और छात्र नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया. संगठन का दावा है कि राधे जाट और सुरेंद्र यादव को पहले ही हिरासत में लिया गया था, गुरुवार सुबह यात्रा का नेतृत्व कर रहे अन्य छात्र नेताओं को भी अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया. इसके बाद प्रस्तावित मार्च आयोजित नहीं हो सका. कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम पुलिस अधिकारयों द्वारा किए गए थे. इसी के तहत संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पर नजर रखी गई.
आवाज दबाने दमनात्मक कार्रवाई की
नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन ने प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों को रोकना उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है. संगठन ने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज़ को दबाने के लिए दमनात्मक कार्रवाई की गई.
