सतना: शहर में सीवर योजना की खुदाई से महीनों तक धूल, कीचड़, जाम और अव्यवस्थित यातायात की परेशानी झेल चुके नागरिकों के सामने अब एक नई समस्या खड़ी हो गई है। शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्र बस स्टैंड में नगर निगम के सीवर ठेकेदार ने मानसून के बीच दोबारा खुदाई शुरू कर दी है। जबकि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी पहले ही यह दावा कर चुके थे कि बरसात के दौरान किसी भी प्रकार की खुदाई नहीं कराई जाएगी।बस स्टैंड क्षेत्र पहले से ही शहर के सबसे संवेदनशील जलभराव वाले इलाकों में गिना जाता है।
हर वर्ष सामान्य बारिश में भी यहां सड?ें पानी में डूब जाती हैं, जिससे राहगीरों, यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में खुले गड्ढों के बीच हो रही सीवर लाइन की खुदाई ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में तेज बारिश हुई तो खुदाई वाले हिस्से पूरी तरह पानी में डूब जाएंगे। इससे गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देंगे और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। विशेष रूप से रात के समय पैदल चलने वाले, दोपहिया वाहन चालक और बस यात्रियों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
मानकों का हो पालन
नगरवासियों का आरोप है कि एक ओर नगर निगम बारिश के दौरान खुदाई पर रोक लगाने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर उसके ही ठेकेदार नियमों की अनदेखी करते हुए प्रमुख मार्गों पर काम शुरू कर देते हैं। इससे निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। शहरवासियों ने मांग की है कि मानसून समाप्त होने तक बस स्टैंड क्षेत्र में चल रही खुदाई तत्काल रोकी जाए। यदि कार्य अत्यंत आवश्यक हो तो सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए गड्ढों की बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और पानी निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके
