जबलपुर: जिले में 65 किसानों की धान बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इन किसानों ने बासमती, पतली या अन्य किस्म की धान को अनुज्ञप्तिधारी व्यापारी को कृषि उपज मण्डी समिति के डाक नीलामी के माध्यम से बेच दिया था, जो नियमों के खिलाफ है। जिला आपूर्ति नियंत्रक प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि जिले में ऐसे किसानों की पहचान की गई है, जिन्होंने मण्डी के तय नियमों का उल्लंघन करते हुए अपनी धान की बिक्री अनुज्ञप्तिधारी व्यापारी को कर दी। इन किसानों के धान उपार्जन केंद्रों पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे और उनकी बिक्री पर रोक लगाई गई है।
अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को सौंपी जांच
जिले के प्रमुख उपार्जन केंद्रों में कृषि उपज मण्डी समिति जबलपुर, पाटन और सिहोरा शामिल हैं।
जिला प्रशासन ने संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई और संभावित जुर्माने का निर्णय लिया जाएगा।
किसान और व्यापारी दोनों पर होगी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार बासमती और पतली धान जैसी विशेष किस्मों की बिक्री पर विशेष नियम लागू हैं। इन नियमों का उल्लंघन करने पर किसान और व्यापारी दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन का यह कदम नियमों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और बाजार में अनुचित लेन-देन को रोकने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
