इंदौर: अक्सर पुलिस पर कठोरता, लापरवाही और रिश्वतखोरी जैसे ताने सुनने को मिलते हैं, लेकिन इंदौर पुलिस ने अपने संवेदनशील और मानवीय रूप का परिचय दिया. शहर में रहने वाले एक ब्रिटिश व्यवसायी की मौत के बाद जब उनका कोई परिजन यहां मौजूद नहीं थे, तब पुलिस ने पूरे विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार कराया.
राऊ थाना क्षेत्र के सिलिकॉन सिटी में रहने वाले 62 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक क्रिस्टोफर पेरी अपने फ्लैट पर मृत पाए गए थे.
पेरी मूल रूप से इंग्लैंड के रस्टिंगटन निवासी थे और करीब दो साल से इंदौर में रह रहे थे. वे पीथमपुर स्थित स्टीलिंट ब्लास्टिंग इक्विपमेंट प्रा. लि. में पार्टनर थे. पुलिस के अनुसार, पिछले शुक्रवार देर रात जब पेरी ने दरवाजा नहीं खोला तो पड़ोसियों को शक हुआ. रात करीब 9 बजे दरवाजा तोड़ा, जहां वे मृत पाए गए. एफएसएल टीम और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर जांच की. शव के पास से कुछ गोलियां भी बरामद हुईं. मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है. पेरी के परिजन ब्रिटेन में होने के चलते शव को लंबे समय तक रख पाना संभव नहीं था. ऐसे में मंगलवार शाम इंदौर पुलिस ने रामबाग मुक्तिधाम में पूरे विधि विधान से उनका अंतिम संस्कार कराया.
पहले भी निभाई जिम्मेदारी
अप्रैल 2024 में भी इंदौर पुलिस ने ऐसा ही संवेदनशील कदम उठाया था. विजय नगर क्षेत्र में ऑस्ट्रेलियाई नागरिक बेली केविन एंड्रयू की मौत हो गई थी. परिजन तत्काल भारत नहीं आ सके थे. ऐसे में बेटे ने पुलिस से आग्रह किया कि शव को फ्रीजर में रखने के बजाय हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया जाए. उस वक्त तत्कालीन एसीपी और वर्तमान में डीसीपी कृष्णलाल चंदनी के निर्देशन में पुलिस ने केविन का अंतिम संस्कार कराया था. इंसानियत और कर्तव्य निभाने का यह दूसरा उदाहरण पुलिस के उस मानवीय चेहरे को उजागर करता है, जिसे आमतौर पर लोग देख नहीं पाते
