जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने रानी दुर्गावती चिकित्सालय (लेडी एल्गिन हास्पिटल) में साइकिल स्टैंड संचालन के लिए दिए गए ठेके की वैधता को लेकर राज्य शासन सहित संबंधित अधिकारियों और ठेका प्राप्त फर्म को नोटिस जारी किए हैं। न्यायालय ने मामले में स्पष्ट किया है कि निजी पक्ष के पक्ष में दिया गया टेंडर अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। अगली सुनवाई 17 अगस्त से प्रारंभ होने वाले सप्ताह में होगी।
दरअसल, रानी दुर्गावती चिकित्सालय द्वारा साइकिल स्टैंड संचालन के लिए जारी निविदा में पीएस एंटरप्राइजेज और श्री नारायण सर्विसेज ने भाग लिया था। याचिकाकर्ता पीएस इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर का आरोप है कि श्री नारायण सर्विसेज के प्रोपराइटर श्रीपाल सिंह राजपूत एमपी स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत हैं। बार काउंसिल आफ इंडिया के नियमों के अनुसार अधिवक्ता विधि व्यवसाय के अतिरिक्त अन्य व्यवसाय नहीं कर सकता, इसके बावजूद उन्हें ठेका प्रदान कर दिया गया।
याचिकाकर्ता ने अस्पताल प्रबंधन के समक्ष इस संबंध में लिखित आपत्ति भी प्रस्तुत की थी, लेकिन आपत्ति पर विचार किए बिना टेंडर श्री नारायण सर्विसेज के पक्ष में स्वीकृत कर दिया गया। इसके बाद पीएस एंटरप्राइजेज ने हाईकोर्ट की शरण ली। न्यायालय ने प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग, सीएमएचओं, अस्पताल अधीक्षक, टेंडर कमेटी की अध्यक्ष डॉ. भावना मिश्रा, सदस्य डॉ. रश्मि कुररिया, डॉ. हेमा बिसेन, केके बिल्थरे व नारायण सर्विसेज के प्रोपराइटर श्रीपाल सिंह राजपूत को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता तकमील नासिर ने पैरवी की।
