दिल्ली एनसीआर में परिवर्तन योजना लागू, वाहन कर्ज एनपीए होने पर योजना का लाभ हो जाएगा समाप्त

नयी दिल्ली, 22 जुलाई (वार्ता) सरकार ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रकों और बसों को उच्च प्रदूषण नियंत्रण मानकों वाले वाहनों से बदलने पर सहायता प्रदान करने की योजना ‘ परिवर्तन ‘ के विस्तृत दिशानिर्देश जारी कर दिये हैं और इसके साथ यह योजना प्रभावी हो गयी है ।

नये दिशा निर्देशों के तहत अगर लाभार्थी वाहन कर्ज को समय से नहीं चुकाता पाता है और कर्ज एनपीए घोषित कर दिया जाता है तो इस योजना का लाभ समाप्त हो जाएगा।

केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार पात्र लाभार्थी को इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए भारत मानक (बीएस)-चार या उससे पूर्व के उत्सर्जन मानक वाले पात्र वाहन को पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा में स्क्रैप कर जमा प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा। पात्र आवेदक अपने बीएस-चार उत्सर्जन मानक वाले पात्र वाहन को एनसीआरके बाहर बेच कर भी लाभ के लिए आवेदन कर सकता है, बशर्ते बिक्री के बाद उसका पुनः पंजीकरण मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत किसी ऐसे पंजीकरण प्राधिकरण के क्षेत्राधिकार में हो जो एनसीआर या एनसीएपी शहर में न हो।

लाभार्थी अपने पात्र वाहन के स्क्रैप या बिक्री के बाद इस योजना में शामिल मूल वाहन निर्माता से नया प्रतिस्थापन वाहन खरीदकर उसे एनसीआर में वाहन पोर्टल पर पंजीकृत करा सकता है। इस योजना के तहत वह योजना की शर्तों के अनुसार पुराना ) प्रतिस्थापन वाहन भी खरीद सकता है।

दिशा निर्देशों के अनुसार यदि पात्र लाभार्थी नया वाहन खरीदना नहीं चाहता, तो वह जमा प्रमाण-पत्र (सीओडी) को डिजी-ईएलवी पोर्टल के माध्यम से हस्तांतरित (बेच) कर योजना के अंतर्गत उपलब्ध एकमुश्त लाभ (एक मुश्त लाभ) भी प्राप्त कर सकता है।

योजना के अंतर्गत स्क्रैप कराया गया या बेचा गया पात्र वाहन एलजीवी (हल्का मालवाहक वाहन) है, तो प्रतिस्थापन वाहन केवल इलेक्ट्रिक वाहन होना चाहिए। इसी तरह यदि पात्र वाहन बस है, तो प्रतिस्थापन वाहन केवल इलेक्ट्रिक बस अथवा बीएस-छह मानक की सीएनजी बस होनी चाहिए।

यदि स्क्रैप किया गया पात्र वाहन सीएनजी ईंधन वाला है या उसमें सीएनजी ईंधन प्रणाली बाद में लगवायी गयी थी, तो उसके स्वामी को योजना के अंतर्गत लाभ के लिए केवल सीएनजी वाहन या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की अनुमति होगी।

योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र लाभार्थी को निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण कर एक विशिष्ट आईडी प्राप्त करना अनिवार्य होगा। पात्रता का डिजिटल सत्यापन इसी पोर्टल पर किया जाएगा। योजना के अंतर्गत खरीदा गया प्रतिस्थापन वाहन पात्र वाहन की समान या उससे निम्न श्रेणी का होना चाहिए। उदाहरण के लिए यदि पात्र वाहन एमजीवी (मध्यम मालवाहक वाहन) है, तो लाभार्थी एमजीवी या एलजीवी खरीद सकता है, लेकिन एचजीवी (भारी मालवाहक वाहन) खरीदने पर योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

इसी तरह यदि पात्र वाहन एलजीवी है तो योजना के लाभ के लिए नया खरीदा जाने वाला वाहन एलजीवी ही हो सकता है।

दिशानिर्देशों में कहा गया है कि यदि योजना के अंतर्गत लिया गया ऋण ऋणदाता द्वारा एनपीए (एनपीए) घोषित कर दिया जाता है, तो संबंधित तिमाही की समाप्ति से लाभ समाप्त हो जाएगा। इसी तरह यदि योजना के अंतर्गत खरीदा गया प्रतिस्थापन वाहन बेच दिया जाता है, तो वाहन के पुनः पंजीकरण की तिथि अथवा बिक्री की वास्तविक तिथि (जो भी पहले हो) से योजना का लाभ समाप्त हो जाएगा।

इस योजना के तहत यदि पात्र वाहन को स्क्रैप करने या बेचने के बाद नया प्रतिस्थापन वाहन खरीदा और वाहन पर पंजीकृत किया जाता है, तो संबंधित राज्य सरकार द्वारा 10 वर्षों तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी। यदि पुराना प्रतिस्थापन वाहन खरीदा और पंजीकृत किया जाता है, तो 10 वर्षों तक मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

प्रतिस्थापन वाहन के पंजीकरण पर 100 प्रतिशत पंजीकरण शुल्क माफ किया जाएगा। यदि पात्र वाहन को वाहन तोड़ने के पंजीकृत कारखाने ( आरवीएसएफ ) में स्क्रैप किया जाता है, तो उस वाहन पर एक वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी देयताओं को भी संबंधित राज्य सरकार द्वारा माफ कर दिया जाएगा।

योजना के तहत यदि पात्र लाभार्थी प्रतिस्थापन वाहन खरीदने के लिए ऋण लेता है, तो उसे ऋण की मासिक किश्त (ईएमआई) के भुगतान हेतु ब्याज पर 5 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। यह सहायता केवल ऋण या ईएमआई के भुगतान के लिए ही प्रयोग में लायी जा सकेगी। इस योजना योजना में शामिल वाहन निर्माता अपने अधिकृत डीलरों के माध्यम से नए प्रतिस्थापन वाहन की खरीद पर वाहन के शोरूम मूल्य पर न्यूनतम आठ प्रतिशत की छूट प्रदान करेंगे।

गौरतलब है कि एनसीआर में पुराने वाहनों के प्रतिस्थापन की परिवर्तन योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन जून को मंजूरी दी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड को एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रकों और बसों के प्रतिस्थापन के लिए सहायता प्रदान करने संबंधी योजना को लागू करने का दायित्व दिया गया है। यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।

इसके तहत “पात्र वाहन ” से आशय ऐसे बस या ट्रक से है, जो किसी सरकार या सरकार के स्वामित्व अथवा नियंत्रण वाले संगठन के स्वामित्व में नहीं हैं और बीएस-चार अथवा उससे पूर्व के उत्सर्जन मानकों वाले हैं और 30.04.2026 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पंजीकृत हैं। “पात्र लाभार्थी ” से आशय वाहन पोर्टल में पंजीकृत ऐसे पात्र वाहन के स्वामी से है, जिसकी योजना के लिए पात्रता निर्धारित पोर्टल पर सत्यापित हो चुकी हो और उसे एक विशिष्ट योजना आईडी आवंटित हो चुकी हो।

“प्रतिस्थापन वाहन से आशय ऐसे ट्रक या बस से है जो बीएस-छह या उससे अधिक कठोर उत्सर्जन मानकों वाले हैं अथवा इलेक्ट्रिक ट्रक या इलेक्ट्रिक बस (बैटरी-स्वैपेबल इलेक्ट्रिक ट्रक/बस सहित) है, जिसे इन दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना के अंतर्गत खरीदा गया हो तथा एनसीआर में पंजीकृत किया गया हो।

दिशानिर्देशों में कहा गया है कि केंद्र सरकार, एनसीआर के संबंधित राज्य सरकारों, किसी न्यायालय/अधिकरण अथवा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा भविष्य में लगाए गए किसी भी नए प्रावधान या शर्त को उसके लागू होने की तिथि से स्वतः इस योजना का हिस्सा माना जाएगा।

 

 

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