
खंडवा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर खंडवा नगर पालिक निगम ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं को विकास और आस्था की दोहरी सौगात दी। महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने एक ओर गणेश गौशाला के नवनिर्मित भव्य प्रवेश द्वार पर कलश स्थापना की, तो वहीं दूसरी ओर पंधाना रोड से दादाजी मंदिर तक जाने वाले नए मार्ग का लोकार्पण भी किया। इस नवीन पहुंच मार्ग का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में उनके नाम पर किया गया है।
सनातन आस्था का प्रतीक बना गणेश गौशाला का भव्य द्वार :
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गणेश गौशाला में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ नवनिर्मित मुख्य प्रवेश द्वार पर पवित्र कलशों की स्थापना की गई। महापौर ने विधिवत पूजन-अर्चन कर इस भव्य द्वार को श्रद्धालुओं और नगरवासियों को समर्पित किया। यह द्वार आध्यात्मिक गरिमा, सनातन संस्कृति और हमारी गौरवशाली परंपराओं को सहेजने का एक सशक्त माध्यम बनेगा, जहां आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण के साथ धार्मिक मूल्यों की अनुभूति होगी।
श्रद्धालुओं का सफर हुआ सुगम:
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जन्म जयंती के अवसर पर पंधाना रोड से दादाजी मंदिर तक नवनिर्मित पहुंच मार्ग का लोकार्पण किया गया। इस मार्ग के बनने से दादाजी मंदिर और गणेश गौशाला आने वाले दर्शनार्थियों को आवागमन में भारी सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही, धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र के विकास को भी एक नई दिशा और गति प्राप्त होगी।
विरासत को सहेजना हम सभी का दायित्व: महापौर :
इस अवसर पर महापौर अमृता अमर यादव ने कहा कि गणेश गौशाला हमारी धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है और इसका भव्य द्वार आने वाली पीढ़ियों को हमारे संस्कारों की अनुभूति कराएगा। उन्होंने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रतीक हैं। उनके नाम पर मार्ग का नामकरण उनके राष्ट्रवादी विचारों और प्रेरणादायी व्यक्तित्व को सदैव जीवंत रखेगा। महापौर ने गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए खंडवा नगर की सुख-समृद्धि, शांति और सौहार्द की कामना की।
आयोजन में इनकी रही उपस्थिति :
इस गरिमामय आयोजन में नगर निगम अध्यक्ष अनिल विश्वकर्मा, राजेश यादव, अनिल वर्मा, आशीष चटकेले सहित कार्यपालन यंत्री राधेश्याम उपाध्याय सहित पार्षद मोनिका नीतीश बजाज, प्रियांशु चौरे, सुनील बंसल व अन्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
