
इंदौर/धार. धार की ऐतिहासिक भोजशाला में जुमे की नमाज के लिए उपलब्ध कराए गए वैकल्पिक स्थल को लेकर मुस्लिम पक्ष की आपत्ति पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. पक्ष ने कहा कि उपलब्ध कराई गई जमीन भोजशाला से काफी दूर है, जबकि अदालत के निर्देश के अनुसार नमाज के लिए स्थान नजदीक होना चाहिए था. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने मामले को देखने और जरूरत पड़ने पर नजदीक स्थान उपलब्ध कराने की बात कही.
मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हुजैफा अहमदी ने अंतरिम आवेदन पर जल्द सुनवाई का आग्रह करते हुए कहा कि वैकल्पिक स्थल की दूरी के कारण एक शुक्रवार की नमाज पहले ही नहीं हो सकी है. उन्होंने अदालत के आदेश के अनुरूप व्यवस्था किए जाने की मांग रखी. राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह स्वयं मामले को देखेंगे और आवश्यक सुधार के लिए कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने बताया कि प्रशासन से समन्वय कर वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाएगा.
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने कहा कि अदालत के आदेश का पालन उसकी भावना के अनुरूप भी होना चाहिए. पीठ ने मामले को शुक्रवार को फिर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं.
