
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी करने और उच्च शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। बुधवार को कांग्रेस के “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत डॉ. अम्बेडकर अनुसूचित जाति महाविद्यालयीन छात्रावास में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के अधिकारों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी।
उमंग सिंघार ने कहा कि देश भर के छात्र बेरोजगारी, परीक्षा पत्र लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी, छात्रावासों की बदहाल स्थिति और शिक्षा के बढ़ते निजीकरण जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों की आवाज को दबाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 का भी विरोध करते हुए कहा कि इससे सरकारी उच्च शिक्षा व्यवस्था कमजोर होगी, जबकि सरकारी विश्वविद्यालय पहले से ही शिक्षकों की कमी और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे हैं।
उमंग सिंघार ने कहा कि भर्ती में लगातार हो रही देरी, उच्च शिक्षा पर सीमित सरकारी खर्च और सरकारी छात्रावासों की खामियों जैसे मुद्दों को कांग्रेस विधानसभा के भीतर और जनता के बीच लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा और छात्रों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
