
छिंदवाड़ा. शहर के पोआमा क्षेत्र में एक कीमती भूखंड को लेकर दबंगई, पटवारी की साठगांठ से फर्जी बंटांकन करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। पीडि़ता ने इस मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी देहात को देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता श्रीमती आरती वर्मा पति महेन्द्र वर्मा, निवासी परासिया रोड ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने मौजा पोआमा स्थित खसरा नंबर 97/1/1/3/2/1 (रकबा 0.146 हेक्टेयर) की भूमि 21 जून 2024 को ई-पंजीयन के माध्यम से वैध रूप से क्रय की थी। क्रय दिनांक से ही वह इस भूमि की मालिक हैं और उस पर काबिज चली आ रही हैं। पीडि़ता का आरोप है कि कुछ दिन पूर्व अनावेदकों संजीत मंडल निवासी मोहन नगर, सुनील राय निवासी मोती नगर लोनिया करबल एवं सुधीर पांडे निवासी मते कॉलोनी ने उनकी भूमि पर लगी बाउंड्री को हटा दिया और जबरन अपने खंभे गाड़ दिए।
बिना जानकारी बंटांकन का आरोप००००००
पीडि़ता ने आरोप लगाया है कि हल्का पटवारी शोबू चौरिया की मिलीभगत से उनकी जानकारी के बिना मूल खसरा नंबर 97/1/1/3/2/1 (0.146 हेक्टेयर) को दो भागों में बांटकर हेराफेरी की गई खसरा नंबर 97/1/1/3/2/1/1 (रकबा 0.064 हेक्टेयर) खसरा नंबर 97/1/1/3/2/1/2 (रकबा 0.082 हेक्टेयर) जब आरती वर्मा अपने पति के साथ भूमि की देख-रेख करने पहुंचीं, तब उन्हें इस अनधिकृत बंटांकन और फर्जीवाड़े का पता चला।
रास्ता रोककर की जमीन या फिर रुपए की मांग ०००००००००
पीडि़ता के अनुसार, जब उनके पति ने इस संबंध में आरोपियों से बातचीत की, तो उन्होंने भूमि पर अपना मालिकाना हक बताते हुए जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं 3 अगस्त 2026 की सुबह जब पीडि़ता के पति ऑफिस जा रहे थे, तब आरोपियों ने उनका रास्ता रोक लिया और जबरन दबाव बनाते हुए भूमि छोडऩे या रुपए की मांग की। रुपए न देने पर किसी भाईजान के साथ मिलकर जान से खत्म करने की धमकी देते हुए 5 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है।
सुरक्षा की गुहार और सख्त कार्रवाई की मांग ००००००
पीडि़ता आरती वर्मा ने बताया कि आरोपियों की इस दबंगई से उनका पूरा परिवार बेहद डरा और असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने एसपी कार्यालय व देहात थाने में आवेदन देकर स्वयं व परिवार की सुरक्षा की मांग की है तथा आरोपियों के खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करने का निवेदन किया है। तत्कालीन पटवारी शोबू चौरिया से जब उनका पक्ष जानने के लिए कॉल किया गया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला इसलिए उनका पक्ष नही रख सके
