आर्थिक सहयोग भारत और उत्तर मैसिडोनिया के द्विपक्षीय संबंधों का महत्त्वपूर्ण आधार: मुर्मु

नयी दिल्ली 21 जुलाई (वार्ता) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आर्थिक सहयोग को भारत और उत्तर मैसिडोनिया के द्विपक्षीय संबंधों का अत्यंत महत्त्वपूर्ण आधार बताते हुए दोनों के बीच सूचना प्रौद्योगिकी , सूचना प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवाओं, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, औषधि तथा वस्त्र उद्योग सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बल दिया है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि श्रीमती मुर्मु मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्राओं के दूसरे चरण में सोमवार शाम , उत्तर मैसिडोनिया के स्कोप्ये पहुंची। किसी भारतीय राष्ट्रपति की उत्तर मैसिडोनिया की यह पहली यात्रा है। स्कोप्ये अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचने पर उत्तर मैसिडोनिया के विदेश मंत्री टिम्को मुकुन्स्की ने राष्ट्रपति का हार्दिक स्वागत किया।

राष्ट्रपति ने मंगलवार को विला वोडनो में उत्तर मैसिडोनिया की राष्ट्रपति राष्ट्रपति डॉ. गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के साथ वार्ता की। बाद में प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय विचार-विमर्श के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के सभी विषयों पर चर्चा की और पारस्परिक हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों तथा पारस्परिक सम्मान पर आधारित गहरे एवं मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया।
श्रीमती मुर्मु ने कहा कि आर्थिक सहयोग भारत और उत्तर मैसिडोनिया के द्विपक्षीय संबंधों का अत्यंत महत्त्वपूर्ण आधार है। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवाओं, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, औषधि उद्योग, वस्त्र उद्योग, जैव प्रौद्योगिकी, पर्यटन, आतिथ्य तथा चलचित्र निर्माण सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बल दिया।

राष्ट्रपति ने कहा कि सांस्कृतिक संबंध तथा लोगों के बीच परस्पर संपर्क हमारे द्विपक्षीय संबंधों के सुदृढ़ आधार रहे हैं। उन्होंने कहा कि सृजनात्मक उद्योग के क्षेत्र में सहयोग सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक महत्त्वपूर्ण पक्ष है। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन , आपदा-रोधी अवसंरचना के लिए वैश्विक गठबंधन तथा वैश्विक जैव-ईंधन गठबंधन जैसी पहलों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करना चाहता है। उन्होंने इन पहलों से जुड़ने की उत्तर मैसिडोनिया की इच्छा का स्वागत किया और कहा कि इन अंतरराष्ट्रीय पहलों में सहभागिता से उत्तर मैसिडोनिया को नवीकरणीय ऊर्जा तथा आपदा-रोधी क्षमता को सुदृढ़ बनाने के लिए विश्व की श्रेष्ठ कार्य-पद्धतियों और तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ प्राप्त होगा।

राष्ट्रपति ने उत्तर मैसिडोनिया के लिए भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण स्थानों की संख्या दोगुनी करने के भारत के निर्णय की घोषणा की। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के पाठ्यक्रम भी शामिल होंगे। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि यह यात्रा भारत और उत्तर मैसिडोनिया के बीच बहुआयामी साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करेगी तथा आने वाले वर्षों में इसे नयी ऊंचाइयों तक पहुंचायेगी। इस यात्रा पर राष्ट्रपति के साथ उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया , राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा तथा लोकसभा सांसद विजय बघेल भी गये हैं।

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