
पांढुरना, शिक्षाविद सोनम वांगचुक द्वारा किए जा रहें लोकतांत्रिक आंदोलन के समर्थन में सोमवार को संविधान जागरूकता अभियान के नेतृत्व में जिले के जागरूक लोगों ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को एक चार सूत्रीय मांग पत्र का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौपा।
देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर शांतिपूर्वक आंदोलन करने वाले शिक्षाविद सोनम वांगचुक को सरकार की दमनकारी नीतियों के चलते पुलिस विभाग द्वारा बलपूर्वक हटाने से पूरे देश की तरह ही पांढुरना जिलेवासियों में भी सरकार की इस नीति के विरोध में भारी आक्रोश व्याप्त है। जागरूक लोगों का मानना है कि सोनम वांगचुक के साथ सरकार के इशारे पर किए गए इस व्यवहार से सभी में गहरी पीड़ा है।
जब कि भारतीय संविधान की अनुच्छेद की धारा 19 के तहत प्रत्येक व्यक्ति को शांतिपूर्वक विरोध एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करता है,देश के जागरूक लोगों का मानना है कि जब अपने इस भारत देश का प्रबुद्ध नागरिक अपनी सरकार से शिक्षा प्रणाली में सुधार और जनहित की मांग करता है तो उसे दमनात्मक कार्यवाही के बजाए संवाद कर उसकी बातों को सुन निराकरण करना चाहिए,ना कि उसे शांतिपूर्वक आंदोलन से नहीं उठाना चाहिए ।
राष्ट्रपति के नाम एसडीएम श्रीमती अलका एक्का को सौपे गए ज्ञापन में सोनम वांगचुक द्वारा शिक्षा सुधार और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े मुद्दो पर राष्ट्रीय प्राथमिकता मानते हुए तत्काल और सार्थक संवाद करने,शांतिपूर्वक आंदोलन करने वालों पर सरकार की इस दमनकारी नीति को तत्काल बंद करने,संविधान की सर्वाेच्चता यह सुनिश्चित कि जाए की सभी प्रशासनिक एंजेसिया संविधान के दायरे में रहकर ही कार्य करें एवं छात्रों के भविष्य की सुरक्षा ,शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमिताताओं को दूर करने के लिए सरकार पारदर्शी कार्य योजना तैयार करें ।
इस आशय का ज्ञापन सौपते समय भीमराव वालके,राहुल पठाड़े,देवांग पाठे,किर्ती पठाड़े,पौर्णिमा गोंड़े,चंदा देशभ्रतार आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
