चेकर ब्लॉक लगाने में लापरवाही पर भडक़े एडीईएन

सतना : केंद्रीय रेल मंत्री के संभावित सतना आगमन के मद्देनजर एक ओर जहां जबलपुर रेल मण्डल के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार दौरा करते हुए छोटे से छोटे पहलुओं पर भी बारीकी से निगरानी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर जारी निर्माण कार्य के मामलों में भी किसी तरह की रियायात नहीं बरती जा रही है. इसी कड़ी में प्लेटफार्म क्र. 1 पर चेकर ब्लॉक लगाए जाने के मामले में लापरवाही पाए जाने पर एडीईएन ने संविदाकार को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्धारित मानक के अनुसार कार्य करने दो टूक निर्देश दे दिए.

आधुनिक सुविधाओं और बेहतर यात्री सुविधा के अनुरुप सतना रेलवे स्टेशन में जारी निर्माण कार्य में से एक प्लेटफार्म क्र. पर 1 पर चेकर ब्लॉक लगाए जाने का कार्य भी सम्मिलित है. यह कार्य पिछले कुछ दिनों से तेज गति से जारी है. लेकिन एडीईएन रशीद अहमद खान ने जब चेकर ब्लॉक लगाए जाने के कार्य का निरीक्षण किया तो वहां भर काफी हद तक भर्रेशाही होती नजर आई.

निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जहां पर चेकर ब्लॉक लगाए गए वहां पर निर्धारित मानक के अनुरुप सब बेस तैयार नहीं किया गया. नीचे मजबूत बेस नहीं बनाने के साथ ही उसकर लेवलिंग में भी गड़बड़ी नजर आई. नतीजतन पहले जहां पर चेकर ब्लॉक लगाए जा चुके हैं वे अभी से ही उखड़ते नजर आने लगे. यह देख एडीईएन श्री खान ने संबंधित संविदाकार को कड़ी फटकार लगानी शुरु कर दी.

कार्य में इस तरह की लापरवाही को देखते हुए एडीईंएन ने संविदाकार को दो टूक निर्देश दिए कि सारे दोषपूर्ण चेकर ब्लॉक को हटाकर पहले मजबूत कांक्रीट बेस तैयार करें. उसके बाद ही नए सिरे से चेकर ब्लॉक लगाए जाएं. इतना ही नहीं बल्कि मजबूत तैयार करने के बाद उचित लेवलिंग निर्धारित मोटाई और सही इंटरलॉकिंग का भी विशेष ध्यान रखा जाए. इसी कड़ी में एडीईएन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोबारा गुणवत्ता संबंधी शिकायत सामने आई तो संबंधित एजेंसी के कार्य को निरस्त करने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जा सकता है.

 महज सौंदर्यीकरण नहीं

एडीईएन श्री खान के अनुसार प्लेटफार्म पर चेकर ब्लॉक लगाया जाना महज सौंदीर्यकरण का हिस्सा नहीं होता, बल्कि यह मामला सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा होता है. भारी संख्या में यात्रियों के लगातार आवागमन का दबाव, सामान ढोने वाली ट्रालियों के साथ ही अन्य भार भी इसी चेकर ब्लॉक पर पड़ते हैं. लिहाजा यदि मजबूत बेस, उचित लेवलिंग, निर्धारित मोटाई और सही इंटरलॉकिंग नहीं की गई तो इससे ब्लॉक उखडऩे लगते हैं. जिसके चलते यात्रियों के ठोकर खाकर गिरने और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है.

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