टोंक 17 जुलाई (वार्ता) राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक की केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर केन्द्र सरकार को अब कुछ ना कुछ समाधान ढूंढना चाहिए।
श्री पायलट ने आज यहां संवाददाताओं से कहा कि पिछले 19-20 दिनों से सोनम वांगचुक जंतर मंतर पर अनशन कर रहे हैं और वह देश के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सरकार को बहुत गंभीरता से उनकी मांग को लेना चाहिए और जिस मुद्दे को लेकर वह अनशन कर रहे हैं उस मुद्दे के साथ-साथ पूरी शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए पेपर लीक हुए घोटाले हुए चोरियां पकड़ी गईं है उस सबके विरोध में कांग्रेस पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी मुहिम छेड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले कोटा में इस अभियान को शुरू किया गया था। छात्रों की उसी गूंज को लेकर आज श्री राहुल गांधी उत्तराखंड के देहरादून में गये हैं ।
श्री पायलट ने कहा कि नौजवान पीढ़ी को भविष्य में आगे ले जाने के लिए शिक्षा एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है और उसमें केंद्र सरकार को बिल्कुल भी चिंता एवं परवाह नहीं है। यह घमंड और अहंकार जो है यह अब परमान चढ़ चुका है और अब लगता है कि बिना वक्त जाहिर करे शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। सोनम वांगचुक को अनशत करते लगभग 19 दिन हो गये हैं और उनकी स्थिति बिगड़ रही है। इस पर अब उच्च न्ययालय ने भी हस्तक्षेप किया है।
उन्होंने कहा कि अब सरकार को कुछ ना कुछ समाधान ढूंढना चाहिए, मुद्दा किस बात का है । सरकार की और से कोई संवाद की कोशिश भी नहीं की जा रही है। सरकार का कोई व्यक्ति प्रतिनिधि जाकर संवाद करे, समझाइश करे, आश्वासित करें तो बात आगे बढ़ सकती है लेकिन वो समझ रहे हैं कि ये जितना मर्जी आंदोलन कर लें या हड़ताल कर लें या जनता में कितना भी आक्रोश हो केंद्र की सरकार को कोई सरोकार नहीं है।
श्री पायलट ने कहा कि नौजवानों की क्या इच्छा है। क्या उनकी उम्मीदें हैं। क्या उनके अरमान हैं।यह बड़ा दुखद है। लगता है कि सरकार को संज्ञान लेकर गलती सुधारनी चाहिए और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेकर आने वाले समय के लिए लोगों के अंदर विश्वास पैदा करना चाहिए।