नयी दिल्ली 31 मई (वार्ता ) जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने रविवार को प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) तथा सैन्य मामलों के विभाग के सचिव का पदभार ग्रहण किया।
कार्यभार संभालने से पहले उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्हें तीनों सेनाओं द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।
चार दशक से अधिक समय तक सेना में रहकर राष्ट्र की सेवा करने वाले जनरल सुब्रमणि को दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में नियुक्त किया गया था। उनके विशिष्ट सैन्य जीवन में अनेक महत्वपूर्ण कमान एवं स्टाफ नियुक्तियाँ शामिल रही हैं, जिनमें द्वितीय कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ तथा सेना के उप प्रमुख का पद शामिल है। सीडीएस का पदभार ग्रहण करने से पूर्व वह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत थे।
इस नियुक्ति के साथ ही वह देश के तीसरे सीडीएस हो गए है। देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत, और दूसरे सीडीएस जनरल अनिल चौहान रहे हैं।
जनरल सुब्रमणि ने अपने पूर्ववर्तियों के अनुकरणीय नेतृत्व और योगदान को महत्व देते हुए उनके द्वारा स्थापित उपलब्धियों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने सशस्त्र बलों पर राष्ट्र द्वारा व्यक्त विश्वास के लिए आभार प्रकट किया और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए सशस्त्र बल, राष्ट्र-समग्र दृष्टिकोण के अंतर्गत सभी हितधारकों के साथ मिलकर कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि वह सशस्त्र बलों में एकीकरण और समन्वय को बढ़ाने की दिशा में कार्य करेंगे तथा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए स्वदेशी हथियारों के तीव्र विकास पर विशेष ध्यान देंगे।
उन्होंने विचार और कार्य दोनों में नवाचार का आह्वान किया तथा क्षमता विकास और आधुनिकीकरण को गति देने के लिए सभी हितधारकों के बीच अधिक सहयोग पर बल दिया।
उन्होंने सशस्त्र बलों की व्यावसायिक दक्षता और परिचालन तत्परता की सराहना की तथा उनके प्रशिक्षण और कल्याण, साथ ही पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने सभी रैंकों से परिवर्तन को अपनाने, सैन्य मूल्यों को बनाए रखने तथा प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
