बरगी परियोजना ने पकड़ी रफ्तार ,सांसद ने परखी नहरों की जमीनी हकीकत

सतना: बरगी परियोजना के माध्यम से नर्मदा का पवित्र जल सतना जिले के किसानों के खेतों तक पहुंचाने की दिशा में तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही हैं। बरगी परियोजना की सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती रही सुरंग का कार्य पूरा होने के बाद अब पूरा फोकस नहरों के निर्माण, सफाई और शेष अवरोधों को दूर करने पर है। बुधवार को सतना सांसद गणेश सिंह ने कटनी जिले के कैलवारा से झुकेही, उचेहरा, श्यामनगर और रहिकवारा तक बरगी नहर परियोजना का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि वीरेंद्र द्विवेदी व बरगी परियोजना के वरिष्ठ अधिकारियों का दल भी उनके साथ मौजूद रहा।

निरीक्षण के दौरान सांसद ने नहर की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्यों की प्रगति तथा किसानों तक पानी पहुंचाने में आ रही बाधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि परियोजना का उद्देश्य तभी पूरा माना जाएगा जब नर्मदा का पानी बिना किसी रुकावट के किसानों के खेतों तक पहुंचे। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने और अवरोधों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि कैलवारा से रहिकवारा तक मुख्य नहर में अब कोई बड़ी बाधा नहीं बची है और आवश्यक तैयारियां पूरी होने के बाद यहां तक पानी लाया जा सकता है। हालांकि झुकेही से बेरमा के बीच कई स्थानों पर ग्रामीणों ने स्टील ब्रिज बनाने की मांग सांसद के समक्ष रखी, ताकि आवागमन प्रभावित न हो। सांसद ने अधिकारियों को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।भल क्रासिंग सब ओके करोरहिकवारा से पन्ना जिले के सुंदरा होते हुए झाली तक नहर निर्माण का कार्य जारी है। इस हिस्से में कई स्थानों पर निर्माण संबंधी रुकावटें सामने आईं, जिन्हें जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए।

वहीं सिंहपुर क्षेत्र के पास सडक़ के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जारी है तथा नागौद क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रॉसिंग और भुलनी वितरिका में भी कुछ तकनीकी बाधाएं बनी हुई हैं। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि बेरमा से अमरपाटन होते हुए रीवा जाने वाली नहर में बेरमा से भैंसासुर तक लगभग चार किलोमीटर क्षेत्र में मुआवजा वितरण का मामला लंबित है। इसी कारण इस हिस्से का निर्माण कार्य रुका हुआ है। इसके अलावा टमस नदी पर बन रहे एक्वाडक्ट का कार्य भी अभी पूरा नहीं हो सका है। सांसद ने संबंधित अधिकारियों को इन सभीं कार्यों में तेजी लाकर जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि बेरमा से श्यामनगर (स्केप कमसियार) तक लगभग 55 किलोमीटर लंबी नहर में कोई विशेष अवरोध नहीं है और यहां केवल सफाई एवं रखरखाव का कार्य शेष है। वहीं झाली से बिरसिंहपुर क्षेत्र के गांव की ओर आगे तक नहर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। सतना लोकसभा के 774 गांवों बदलेगी तकदीरबरगी सिंचाई परियोजना पूरी होने के बाद सतना और मैहर जिले के कुल 774 गांवों की लगभग 1 लाख 35 हजार 573 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे हजारों किसानों को वर्षभर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा और क्षेत्र की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

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