ईरान ने बहरीन के अमेरिकी ठिकानों पर भीषण हमला किया। आईआरजीसी की कड़ी चेतावनी के बाद होर्मुज जलसंधि को कई सख्त शर्तों के साथ पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
ईरान अटैक ने पूरी दुनिया में एक नई और बेहद खतरनाक युद्ध की स्थिति पैदा कर दी है। बुधवार को अमेरिका द्वारा किए गए बैक-टू-बैक दो बड़े हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने यह बेहद सख्त कदम उठाया है। ईरान ने गुरुवार को बहरीन में स्थित बड़े अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अपना अब तक का सबसे भीषण हमला बोल दिया है। इस भयानक और अचानक हुए जवाबी हमले ने पूरे मध्य-पूर्व को दहला दिया है और तनाव अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है।
ईरान के सबसे शक्तिशाली सैन्य संगठन आईआरजीसी के प्रवक्ता ने अमेरिका को खुले तौर पर एक बहुत ही कड़ी चेतावनी दी है। ब्रिगेडियर जनरल मोहेबी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल उनके जवाबी सैन्य अभियान का पहला और बिल्कुल शुरुआती चरण है। उनका मुख्य लक्ष्य खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी आक्रामक सैन्य बुनियादी ढांचे को हमेशा के लिए नेस्तनाबूद करना है। यह विनाशकारी काम पूरा होते ही ईरान अपना अगला और ज्यादा खतरनाक चरण शुरू करेगा जिससे भारी तबाही होना निश्चित है।
आईआरजीसी की अमेरिका को सख्त चेतावनी
ईरानी सेना ने साफ तौर पर कहा है कि अमेरिका इस संघर्ष को अपनी मर्जी से बिल्कुल भी आगे नहीं खींच सकता है। उसे इसे एक थका देने वाले लंबे युद्ध या वॉर ऑफ एट्रिशन में बदलने की भारी भूल और बड़ी गलती कतई नहीं करनी चाहिए। तेहरान के इस गंभीर दावे के बाद आधिकारिक मीडिया प्रेस टीवी ने भी इस भयानक युद्ध के और ज्यादा भड़कने के स्पष्ट संकेत दिए हैं।
होर्मुज जलसंधि पर ईरान की पूरी तालाबंदी
ईरान की थल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अकरमी निया ने होर्मुज जलसंधि को लेकर एक बेहद ही सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने वैश्विक व्यापार के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज को पूरी तरह से बंद करने का बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान कर दिया है। ईरान ने कहा है कि जब तक अमेरिका उसकी तीन प्रमुख और बहुत कड़ी शर्तों को नहीं मानता, यह जलमार्ग पूरी तरह बंद रहेगा। इसके साथ ही अमेरिका को बिना किसी शर्त के ईरान की वर्तमान और वैध शासन व्यवस्था को भी पूरी तरह से स्वीकार करना ही होगा।
वैश्विक तेल बाजार पर मडराता गहरा संकट
ईरान का बिल्कुल स्पष्ट कहना है कि अमेरिका को दोनों देशों के बीच हुए पुराने समझौता ज्ञापन का पूरी तरह से पालन करना ही होगा। वाशिंगटन को अपनी हर तरह की शत्रुतापूर्ण और खतरनाक कार्रवाई रोकनी होगी तथा सभी ईरानी कानूनों को भी तुरंत लागू करना होगा। इन शर्तों के बिना इस अहम अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से किसी भी व्यापारिक जहाज को गुजरने की अनुमति बिल्कुल भी नहीं दी जाएगी। बहरीन में हुए इस बड़े हमले और जलसंधि की कड़ी घेराबंदी से वैश्विक तेल बाजार अब पूरी तरह क्रैश होने की कगार पर आ गया है।
दोनों देशों के बीच बढ़ता भारी तनाव
बहरीन में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल दागने के बाद अब दोनों देश पूरी तरह से आमने-सामने आ चुके हैं। इस बड़े और विनाशकारी हमले के कारण खाड़ी देशों में डर का माहौल है और सभी देश युद्ध के परिणामों से बहुत चिंतित हैं। ईरान के इस सबसे बड़े पलटवार ने साफ कर दिया है कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
