अजीबो-गरीब तरीके से रन आउट हुए अभिमन्यु ईश्वरन

कल्याणी, 22 जनवरी (वार्ता) रणजी ट्रॉफ़ी के छठे चरण में अभिमन्यु ईश्वरन बहुत ही अजीबो-ग़रीब तरीक़े से नॉन स्ट्राइक एंड पर रन आउट हो गए। ईश्वरन जब रन आउट हुए, तब वह 81 के स्कोर पर थे। साथ ही जिस तरह से वह अपनी पारी को आगे बढ़ा रहे थे, ऐसा लग रहा था कि वह आसानी से अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट का 28वां शतक पूरा कर लेंगे, लेकिन एक छोटी सी ग़लती ने ऐसा नहीं होने दिया। तब तक वह पारी पूरी तरह बेदाग रही थी, लेकिन इसके बाद कुछ ऐसा हुआ जो वाकई हैरान करने वाला था।

यह घटना 41वें ओवर की आख़िरी गेंद पर, ड्रिंक्स ब्रेक से ठीक पहले घटी। स्ट्राइकर एंड पर फुलर लेंथ की गेंद को सुदीप चटर्जी ने हल्के से गेंदबाज आदित्य कुमार की ओर खेला और इसी दौरान ईश्वरन क्रीज छोड़कर पानी पीने के लिए आगे बढ़ने लगे।

गेंद डेड नहीं हुई थी। गेंद गेंदबाज की उंगलियों से लगकर मुड़ती हुई सीधे स्टंप्स से जा टकराई। ख़ुद गेंदबाज को भी इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि नॉन स्ट्राइक पर खड़े ईश्वरन क्रीज से बाहर निकल चुके हैं। गेंद के स्टंप्स से टकराने के बाद ही उसे एहसास हुआ कि बल्लेबाज काफ़ी बाहर थे। इसके बाद अपील की गई और मैदानी अंपायर ने फ़ैसला थर्ड अंपायर को सौंपा, जिन्होंने अंततः उन्हें आउट करार दिया। दिन का खेल पूरा होने के बाद ईश्वरन ने माना कि यह पूरी तरह से उनकी गलती थी और उन्हें कुछ समझ ही नहीं आया कि क्या करना है।

ईश्वरन ने कहा, “पारी काफ़ी अच्छी चल रही थी, लेकिन मैंने जो गलती की, वह मेरे लिए भी बहुत हैरान करने वाली थी। कई लोग यह कह सकते हैं कि स्पोर्ट्समैनशिप के तहत विपक्षी टीम उन्हें वापस बुला सकती थी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था। यह पूरी तरह से मेरी गलती थी। मुझे लगा कि गेंदबाज ने गेंद को पकड़ लिया है और मैं झट से आगे बढ़ गया, लेकिन गेंद गेंदबाज के हाथ से लगकर विकेट पर चली गई।”

इस संदर्भ में बंगाल के कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला से पूछा गया कि क्या यह ठीक उसी तरह की घटना थी, जैसी 2011 में इंग्लैंड और भारत के बीच खेले गए दूसरे टेस्ट में इयान बेल के साथ हुई थी, और क्या सर्विसेज़ की टीम को उसी तरह ईश्वरन को वापस बुलाने के बारे में सोचना चाहिए था।

बंगाल के कोच ने कहा, “दोनों घटनाएं एक जैसी थीं, लेकिन आप उन्हें एक साथ जोड़कर नहीं देख सकते। वहां कोई और टीम थी और परिस्थितियां कुछ और थीं, लेकिन यहां हालात अलग थे और यह ईश्वरन की ही ग़लती थी। हालांकि ऐसा नहीं कहा जा सकता कि उनमें गेम अवेयरनेस की कोई कमी है। वह एक सीनियर खिलाड़ी हैं और उन्हें अपनी ज़िम्मेदारियों के बारे में बख़ूबी पता है, लेकिन क्रिकेट ऐसा ही है। यहां कभी-कभी ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जिन्हें आप पूरी तरह से समझा नहीं सकते।

यह जरूर है कि विपक्षी टीम उन्हें वापस बुलाने के बारे में सोच सकती थी, लेकिन अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो उसमें कुछ गलत भी नहीं है। यहां गलती पूरी तरह से बल्लेबाज की थी और सब कुछ नियमों के हिसाब से हुआ।”

 

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