गुरुग्राम। विद्युत मंत्रालय के अधीन महारत्न कंपनी आरईसी लिमिटेड ने रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत उपयोग होने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता जांच और गुणवत्ता आश्वासन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपीआरआई) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
गुरुग्राम स्थित आरईसी के कॉर्पोरेट कार्यालय में हुए समारोह में आरईसी के जीएम एवं पीएमडी क्वालिटी प्रमुख योगेंद्र सिंह और सीपीआरआई के संयुक्त निदेशक (बीडी एवं सीबीएस डिवीजन) एम.जी. आनंदकुमार ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आरईसी के कार्यकारी निदेशक (पीएमडी) प्रिंस धवन (आईएएस), सीपीआरआई की संयुक्त निदेशक डॉ. नेहा अधिकारी तथा दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समझौते के तहत दोनों संस्थान आरडीएसएस परियोजनाओं में उपयोग होने वाली सामग्रियों की थर्ड-पार्टी गुणवत्ता जांच, तकनीकी सहयोग, क्षमता निर्माण कार्यक्रम और मजबूत गुणवत्ता मानक विकसित करने के लिए मिलकर कार्य करेंगे। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परियोजनाओं में इस्तेमाल होने वाली सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हो, जिससे देशभर के विद्युत वितरण नेटवर्क की विश्वसनीयता और कार्यकुशलता में सुधार हो सके।
