
छतरपुर। रविवार की सुबह छतरपुर में मौसम का मिजाज बदला नजर आया। आसमान में घना कोहरा छाने से ठंड का असर बढ़ गया और शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी सर्दी ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। मौसम विभाग के मुताबिक जिले में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि हवा की रफ्तार 2 किलोमीटर प्रति घंटा रही।
घने कोहरे के चलते दृश्यता काफी कम हो गई। कई इलाकों में विजिबिलिटी केवल 50 मीटर तक सीमित रही, जिससे बमीठा–झांसी नेशनल हाईवे पर वाहन चालकों को लाइट जलाकर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने पड़े। सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दी।
ठंड बढ़ने के कारण लोग घरों से निकलते समय गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। अधिकतर लोग केवल जरूरी काम से ही बाहर निकले। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मौसम को देखते हुए लोगों को गर्म पेय पदार्थ लेने और ताजा, पौष्टिक भोजन करने की सलाह दी है, ताकि सर्दी से बचाव हो सके।
मौसम में आई ठंड का असर खेती पर भी दिख रहा है। खेतों में हरियाली बनी हुई है और किसान अपने-अपने खेतों में काम करते दिखाई दिए। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह ठंडा मौसम फसलों के लिए लाभकारी माना जाता है। इससे फसलों की बढ़वार बेहतर होती है और मिट्टी में नमी बनी रहती है। साथ ही मटर जैसी फसलें नाइट्रोजन स्थिरीकरण कर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती हैं, जिससे अगली फसल की तैयारी मजबूत होती है।
