
भोपाल। नगर निगम भोपाल में संपत्तिकर में घौटाले और अनियमितताऐं कम होने का नाम ही नहीं ले रही है. ना ही एैसे मामलों को रोकने के लिए निगम प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई कर रहा है. इसलिए ऐसे मामलों में रोक नहीं लग पा रही है. इसी तरह की संपत्तिकर के नवीन खातों का मामला सामने आया है. जिसमें वार्ड तीन में 157 संपत्तिकर के नवीन खाते खोले गए हैं जो कि वार्ड प्रभारी को जानकारी ही नहीं हैं. यह खाते सीधे जोनल कार्यालय से खोले गए हैं. जिससे इन खातों में आर्थिक अनियमितताएं होने की आशंका जताई जा रही है. इस मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को लगी तो उन्होंने आनन फानन में उक्त जोन एक के जोनल अधिकारी विक्रम झा को पद से हटाते हुए नीरज कुमार नामदेव को पदस्थ कर दिया गया है. और विक्रम झा को कार्यालय में ही पदस्थ कर दिया गया है. लेकिन इस मामले में पद से हटाने के बाद पूर्व जोनल अधिकारी पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है.
बिना निरीक्षण के खोले खाते
सूत्रों अनुसार वार्ड 3 में जोनल अधिकारी द्वारा सीधे ही संपत्तिकर के खाते खोले गए हैं. जिनका मौके पर निरीक्षण ही नहीं किया गया है. एैसा क्या कारण रहा कि वार्ड प्रभारी की बिना जानकारी के नवीन खाते खोले गए. आशंका जताई हजा रही है कि इन नवीन खातों की सूची पर वार्ड प्रभारी के फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए हों.
– नवीन खाता खोलना और वसूली की जिम्मेदारी वार्ड प्रभारी की
वार्ड प्रभारी को संपत्तिकर के नवीन खाते खोलने के साथ ही उनसे उक्त संपत्ति का कर वसूलने की जवाबदारी रहती है. अगर जमा नहीं किया जाता है तो वार्ड प्रभारी या कार्यालय से कर्मचारी जाकर उनके घर से वसूली का कार्य करते हैं. इसलिए नवीन खातों को खोलने में आर्थिक अनियमिताएं होने की आशंका जताई जा रही है.
-पूरी साल चलता है संपत्तिकर के नवीन खाते खोलने का काम
नगर निगम द्वारा पूरी साल निगम की आय बढ़ाने नवीन संपत्तिकर के खाते खोले जाने की प्रक्रिया जारी रहती है. जो वार्ड प्रभारी के द्वारा किए जाते हैं. वार्ड प्रभारी के द्वारा ही अनुमोदन कर जोन कार्यालय में जोनल अधिकारी को भेजे जाते हैँ. जिन्हें जोन अधिकारी मंजूरी देता है. इस तरह से पूरी नगर निगम में प्रतिवर्ष 15 से 20 हजार नवीन खाते खोले जाते हैं. जिससे निगम को करोडों रुपए का राजस्व मिलता है.
-खाता खोलने से पहले होता है संपत्ति का मौका निरीक्षण
पाप्त जानकारी अनुसार नगर निगम में संपत्तिकर हो या अन्य कर सभी के नवीन खाते खोलने का कार्य वार्ड कार्यालय के माध्यम से किया जाता है. जिसमें संपत्तिकर के मामले में वार्ड प्रभारी द्वारा नवीन खाता खोलने से पहले संपत्ति के स्थल का निरीक्षण किया जाता है. जिसका उल्लेख निगम में खाता खोलते समय दर्शाया जाता है. उसके बाद ऑनलाइन पूरी सूची जोन कार्यालय भेजी जाती है, वहां पर जोनल अधिकारी के द्वारा संपत्तिकर की आईडी जारी की जाती है. जिसमें संपत्तिकर जमा किया जाता है.
इनका कहना है
इस बारे में अभी मुझे पूरी जानकारी नहीं है, आपने संज्ञान में लाया है तो इस मामले की जानकारी पता करवा कर बताते हैं.
संस्कृति जैन, आईएएस, नगर निगम आयुक्त, भोपाल
