नयी दिल्ली, 14 जुलाई (वार्ता) भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वार्ता के पहले दौर में आठ तकनीकी सत्रों के दौरान महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई। यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति में दी।
द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को विस्तार देने की दिशा में यह वार्ता 29 जून से 7 जुलाई तक वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई थी। इसमें भारत की वार्ता टीम का नेतृत्व वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव और मुख्य वार्ताकार उज्ज्वल कुमार घोष और मालदीव प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उसके मुख्य वार्ताकार यूसुफ रिजा ने किया। वार्ता के दौरान, दोनों पक्षों ने आठ नीतिगत क्षेत्रों को शामिल करते हुए आठ तकनीकी सत्रों में लिखित चर्चा में भाग लिया।
देर से जारी इस विज्ञप्ति में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने वार्ता के सभी पहलुओं पर ठोस प्रगति की और कई मुद्दों पर व्यापक सहमति बनी।
उल्लेखनीय है कि 8 जुलाई को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मालदीव के आर्थिक विकास, परिवहन एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद से मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता सहित चल रही द्विपक्षीय आर्थिक पहलों की प्रगति की समीक्षा की। भारत और मालदीव के बीच राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) और मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) को जल्द से जल्द पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने दोनों देशों के लिए नए अवसर खोलने हेतु पर्यटन, स्टार्टअप, डिजिटल भुगतान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और व्यापार में सहयोग को और गहरा करने पर भी सहमति व्यक्त की।
भारत, मालदीव का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 में करीब 77.18 करोड़ डॉलर रहा, जबकि 2024-25 में यह करीब 68 करोड़ डॉलर था। यह 13.54 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
