नयी दिल्ली, 14 जुलाई (वार्ता) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को राज्य को देश में वस्त्र उद्योग में निवेश के लिए सबसे अधिक संभावनाओं से भरा राज्य बताते हुए कहा कि राज्य संपूर्ण टेक्सटाइल मूल्य श्रृंखला में अपार अवसर प्रदान करता है और उद्यमियों के लिए पारदर्शी तथा उद्योग-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराता है।
यहां भारत मंडपम् में आयोजित भारत टेक्स 2026 में पंजाब राज्य पवेलियन का उद्घाटन करने के बाद पंजाब सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नयी औद्योगिक एवं व्यवसाय विकास नीति लागू की है। साथ ही, सिंगल विंडो और सिंगल पेन सिस्टम के माध्यम से समयबद्ध मंजूरी सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने कहा, “पहले की राज्य सरकारें उद्योगपतियों को एटीएम की तरह इस्तेमाल करती थीं, लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार ने उन्हें राज्य की सामाजिक-आर्थिक प्रगति का बराबरी का भागीदार बनाया है। पंजाबियों को कड़ी मेहनत, समर्पण और देशभक्ति की अदम्य भावना का वरदान मिला है। इन्हीं गुणों के कारण पंजाबियों ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित की है। इन बातों को याद दिलाने का उद्देश्य केवल इतना है कि हमारी युवा पीढ़ी राज्य की गौरवशाली, समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित रहे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब इस आयोजन में ‘साझेदार राज्य’ के रूप में भाग ले रहा है, क्योंकि वस्त्र उद्योग केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि राज्य की पहचान, विरासत और आर्थिक शक्ति का अभिन्न हिस्सा है। पीढ़ियों से पंजाब ने केवल कपड़ा ही नहीं बुना, बल्कि आजीविका, उद्यमिता और समृद्धि भी बुनी है। राज्य में इस उद्योग के लिए संपूर्ण मूल्य श्रृंखला मौजूद है, जिससे वस्त्र निर्माण की हर प्रक्रिया राज्य के भीतर ही पूरी की जा सकती है – कपास की खेती से लेकर स्पिनिंग तक, धागे से कपड़ा बनाने तक, निटिंग और प्रोसेसिंग से लेकर परिधान निर्माण तक तथा विनिर्माण से निर्यात तक।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य ने 1.2 अरब डॉलर से अधिक के वस्त्र निर्यात के साथ देश के कुल वस्त्र एवं परिधान निर्यात में लगभग चार प्रतिशत का योगदान दिया है। पंजाब के उत्पाद अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन सहित दुनिया के अनेक देशों के बाजारों तक पहुंच रहे हैं। राज्य में वर्धमान, सनातन टेक्सटाइल्स, नाहर, मोंटे कार्लो, गंगा एक्रोवूल, स्पोर्टकिंग, शिंगोरा और ऑक्टेव जैसी कई कंपनियों के केंद्र हैं।
उन्होंने कहा कि हजारों एमएसएमई पंजाब के वस्त्र उद्योग की रीढ़ हैं और उनकी उद्यमशीलता की भावना ने राज्य को देश के सबसे मजबूत विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक बना दिया है। लुधियाना उत्तर भारत का सबसे बड़ा परिधान और निटवेयर क्लस्टर है। देश के लगभग 90 प्रतिशत ऊनी निटवेयर तथा देश के करीब 65 प्रतिशत होजरी उत्पादन में इस शहर का योगदान है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा भी मौजूद थे।
