नयी दिल्ली, 14 जुलाई (वार्ता) सरकार ने मंगलवार को पहली बार सेवा क्षेत्र के 19 महत्वपूर्ण उपवर्गों के लिए सेवा उत्पादन सूचकांक (आईएसपी) जारी किया।
ये आंकड़े अभी परीक्षण तौर पर जारी किये गये हैं। जिन 19 उपवर्गों के आंकड़ों को शामिल किया गया है वे एक साथ सेवा क्षेत्र के 60 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनके लिए 2024-25 को आधार वर्ष बनाया गया है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल जून की तुलना में इस साल जून में 19 में से 14 उपवर्गों में दहाई वृद्धि दर दर्ज की गयी है। थोक व्यापार की वृद्धि दर 15.3 प्रतिशत, खुदरा व्यापार की 30.8 प्रतिशत, मरम्मत सेवाओं की 19.2 प्रतिशत, आवास एवं खाद्य सेवाओं की 37.2 प्रतिशत, सड़क परिवहन की 18.5 प्रतिशत और दूरसंचार सेवाओं की 22.8 प्रतिशत रही है।
बैंकिंग सेवा उत्पादन 12.2 प्रतिशत; बीमा उत्पादन 15.6 प्रतिशत; रियल इस्टेट उत्पादन 27.7 प्रतिशत; आईटी और कंप्यूटर संबंधित सेवाओं का 15.2 प्रतिशत; पेशेवर, वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी सेवाओं का 16.5 प्रतिशत; प्रशासनिक एवं संबद्ध सेवाओं का 28.7 प्रतिशत; और कला तथा मनोरंजन सेवाओं का 16.4 प्रतिशत बढ़ा है। जल परिवहन सेवा में 5.7 प्रतिशत, डाक एवं कुरियर सेवा में 3.3 प्रतिशत और सूचना एवं प्रसारण सेवा में 2.5 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई है। वहीं, हवाई परिवहन का सूचकांक 13.9 प्रतिशत और रेल परिवहन का 0.4 प्रतिशत गिर गया।
मंत्रालय ने बताया कि बाद में सेवा क्षेत्र के अन्य आंकड़ों को भी शामिल करते हुए नियमित आंकड़े जारी किये जायेंगे।
