
रीवा, रीवा जिले के मनगवां क्षेत्र में एक ही परिवार के 8 बच्चे अज्ञात बीमारी की मार झेल रहे थे जिसमें से दो बच्चों की मौत हो गई. तकरीबन डेढ़ वर्ष पूर्व इस मामले को मीडिया के द्वारा जब उजागर किया गया तो स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इलाज करने का दावा किया था लेकिन आज तक जांच की रिपोर्ट भी नहीं आई.
इस परिवार में पैदा होने वाले बच्चे समय के साथ विकलांग हो रहे हैं इसी कारण दो बच्चों की मौत हो चुकी है और 6 लड़कियां अभी जीवित है लेकिन विकलांगता का दंश झेल रही है. मामला उजागर होने के बाद मनगवा विधायक साहित स्थानीय प्रशासन ने इलाज करने का वादा किया सभी बच्चों की जांच के लिए उन्हें एम्स भेजा गया लेकिन आज तक ना तो पूरी रिपोर्ट आई और ना ही किसी तरह से इलाज किया गया. हालांकि स्थानीय चिकित्सकों का कहना था कि इस बीमारी का इलाज रीवा जिले में नहीं है जिसके लिए दिल्ली एम्स में सभी बच्चों की जांच कराई गई थी. समय बीतने के साथ-साथ जनप्रतिनिधि सहित स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन उदासीन हो गया. आज एक बार फिर वही परिवार कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान सहायता मांगने पहुंचा है जहां अब जीवित बची छह लड़कियों में से पांच विकलांग हो चुकी है. परिवार में इस तरह का संकट आने के बाद ग्राम बांस मनगवा निवासी धनपति साकेत ने कलेक्ट्रेट पहुंचता प्रशासन से फरियाद की है. यदि समय रहते बच्चों को इलाज नहीं मिला तो बाकी बची 6 लड़कियों की जिंदगी भी खतरे में है जिसके लिए उचित इलाज और आर्थिक सहायता की मांग की गई है.
