सूखे धनिये के बीज, ताजी करी पत्तों के लिए भारत के नेतृत्व में विकसित मानकों को कोडेक्स की बैठक में मंजूरी

नयी दिल्ली, 14 जुलाई (वार्ता) कोडेक्स एलिमेंटेरियस आयोग की 49वीं बैठक भारत की अध्यक्षता और सह-अध्यक्षता में विकसित किए गए सात कोडेक्स मानकों और दिशा-निर्देशों को अपनाया गया जिनमें सूखे धनिये के बीज और ताजे करी पत्ते के लिए प्रस्तुत मानक भी शामिल हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा मंगलवार को यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार यह बैठक स्विट्जरलैंड के जिनेवा में 6 से 10 जुलाई तक आयोजित की गयी। कोडेक्स एलिमेंटेरियस आयोग में विज्ञान-आधारित अंतर्राष्ट्रीय खाद्य मानकों के विकास में भारत का योगदान और बढ़ा है।

इस बैठक में आयोग ने काजू की गिरी (कैश्यू कर्नेल्स) के लिए कोडेक्स मानक विकसित करने के भारत के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजित पुन्हानी के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने एफएसएसएआई और स्पाइसेज बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर आयोग के विचार-विमर्श में सक्रिय रूप से भाग लिया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि आयोग ने सूखे धनिये के बीज और ताजी करी पत्तियों के लिए कोडेक्स मानकों को अपनाया, जिन्हें भारत की अध्यक्षता में विकसित किया गया। सूखे धनिये के बीज के लिए मानक दुनिया के सबसे ज़्यादा व्यापार किए जाने वाले मसालों में से एक के व्यापार को आसान बनाएगा, जबकि ताजी करी पत्तियों के लिए मानक क्षेत्रीय रूप से महत्वपूर्ण पाक-कला की जड़ी-बूटी के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय मानदंड प्रदान करता है।

सीएसी-49 ने भारत की सह-अध्यक्षता में विकसित किए गए पांच कोडेक्स दस्तावेजों को भी अपनाया। इनमें वनीला और बड़ी इलायची के लिए कोडेक्स मानक शामिल हैं। बैठक में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए पानी के स्वस्थ प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्येश्य से खाद्य उत्पादन और प्रसंस्करण में पानी के सुरक्षित उपयोग और पुनः उपयोग के लिए दिशा-निर्देशों के अनुलग्नक , चिकन मांस में कैम्पिलोबैक्टर और साल्मोनेला को नियंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश, प्री-पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की लेबलिंग के लिए सामान्य मानक के तहत संयुक्त प्रस्तुति और मल्टीपैक फॉर्मेट से संबंधित प्रावधानों को भी मंजूरी दी गयी ।

आयोग ने ‘प्रोसेस्ड फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स’ पर कोडेक्स कमिटी (सीसीपीएफवी) के तहत काजू की गिरी के लिए कोडेक्स मानक विकसित करने के भारत के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी। दुनिया भर में सबसे ज़्यादा व्यापार होने वाले ट्री नट्स में से एक के लिए, एक जैसे अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की ज़रूरत को समझते हुए, कोडेक्स के सदस्यों ने इस प्रस्ताव का जबरदस्त समर्थन किया। उम्मीद है कि इस नए मानक से मुक्त व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार में आने वाली तकनीकी बाधाएं कम होंगी और वैश्विक स्तर पर काजू व्यापार में भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर उसके लिए बाजार तक पहुंच को मज़बूत करेगा।

भारत को नए खाद्य स्रोतों और उत्पादन प्रणालियों (एनएफपीएस) के लिए बनाए गए इलेक्ट्रॉनिक कार्य समूह का सह-अध्यक्ष चुना गया है। जो वर्तमान नियमों की समीक्षा करेगा।

 

 

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