जबलपुर: पाटन स्थित भारत फाइनेंशियल इनक्लूजन लिमिटेड कंपनी के दो फील्ड ऑफिसरों (संगम मैनेजर) ने महिलाओं से लोन की किश्तें वसूलीं, लेकिन वसूले गई रकम 9,91,802 रूपए बैंक में जमा करने के बजाय दोनों डकार गए। घोटाला सामने आने के बाद शाखा प्रबंधक की शिकायत पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शाखा प्रबंधक रामेन्द्र चौधरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि कंपनी के संगम मैनेजर रोहित निवासी बिलहरी हिनोतिया, संजय कुमार कुर्मी निवासी ग्राम चिरई, सागर का मुख्य काम शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को समूह लोन देना और उनकी साप्ताहिक,मासिक किश्तों का कलेक्शन करना था।
जिन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए दर्जनों महिलाओं से लोन की किश्तें, प्री-पेमेंट और पुराने लोन चुकता करने के नाम पर मोटी रकम इक_ा की। महिलाओं को भरोसा था कि उनके द्वारा दी गई राशि बैंक खाते में जमा हो रही है, लेकिन आरोपियों ने वह राशि अपने व्यक्तिगत उपयोग में ले ली। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने मिलकर बैंक को करीब 9,91,802 रुपये की चपत लगाई है। आरोपी रोहित ने 45 महिलाओं से कुल 8,24,725 रुपये लेकर गबन किया। जबकि आरोपी संजय कुमार कुर्मी ने 15 महिलाओं से किश्त की रकम कुल 1, 67, 077 रूपए रुपये की राशि लेकर बैंक में जमा नहीं की।
फर्जीवाड़ा उजागर हुआ तो बोले जो करना है कर लो
गबन का खुलासा तब हुआ जब बैंक के रिकॉर्ड में किश्तें जमा नहीं मिलीं। ब्रांच मैनेजर रामेन्द्र चौधरी ने जब आरोपियों से संपर्क किया और पैसे लौटाने को कहा, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। आरोपियों ने धौंस देते हुए कहा, मैं पैसे नहीं लौटाऊंगा, तुम्हें जो करना है कर लो, जिस थाने में शिकायत करनी है कर दो। इसके बाद दोनों आरोपी क्षेत्र से फरार हो गए। ब्रांच मैनेजर की लिखित शिकायत के आधार पर पाटन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है ।
