मुंबई, अपनी अदाकारी और सादगी के लिए मशहूर दिलजीत दोसांझ ने फिल्म ‘सतलुज’ के लिए एक ऐसा निर्णय लिया है जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहान ने खुलासा किया कि मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित इस फिल्म के लिए दिलजीत ने करोड़ों की फीस लेने के बजाय मात्र 1 रुपया शुल्क स्वीकार किया है। दिलजीत का मानना था कि इतने महान व्यक्तित्व का किरदार निभाना उनके लिए पैसे से कहीं अधिक सम्मान और जिम्मेदारी का विषय है।
स्क्रिप्ट पढ़ते ही भावुक हुए अभिनेता
निर्देशक हनी त्रेहान ने साझा किया कि 2021 में अमृतसर में जब उन्होंने दिलजीत को फिल्म की स्क्रिप्ट सौंपी, तो अभिनेता उसे पढ़कर अत्यंत भावुक हो गए। उन्होंने स्क्रिप्ट को सम्मानपूर्वक अपने माथे से लगाकर अपनी सहमति दी। निर्देशक के अनुसार, उसी क्षण यह स्पष्ट हो गया था कि दिलजीत इस भूमिका को पूरी निष्ठा और गंभीरता के साथ निभाएंगे। यह प्रतीकात्मक फीस केवल कानूनी और अनुबंधित औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए रखी गई थी।
कला और समर्पण की सराहना
हनी त्रेहान के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर दिलजीत दोसांझ के समर्पण और पेशेवर ईमानदारी की जमकर तारीफ हो रही है। लोग इसे एक कलाकार की अपने काम के प्रति सच्ची निष्ठा और महापुरुषों के प्रति आदर के रूप में देख रहे हैं। यह कदम साबित करता है कि दिलजीत के लिए कुछ प्रोजेक्ट केवल व्यावसायिक उद्यम नहीं, बल्कि दिल के करीब और जिम्मेदारी भरे होते हैं। उनकी इस दरियादिली ने फिल्म जगत में एक मिसाल कायम की है।

