
स्ट्रीट डॉग्स और अन्य जीव-जंतु के काटने की घटनाएं बढ़ी
नव भारत न्यूज
इंदौर. फरवरी माह के 28 दिनों में 4,239 पीडि़त एंटी रैबीज और टिटनेस के इंजेक्शन लगाने के लिए लाल अस्पताल पहुंचे. इनमें से 4,024 लोग आवारा स्ट्रीट डॉग्स के बाइट का शिकार हुए, जबकि 215 लोग बिल्ली, बंदर, चूहे, घोड़े, गधे, और अन्य जीव-जंतु और कीड़ों के हमले का शिकार बने.
डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि फरवरी में 4,239 पीडि़तों में से 4,024 को स्ट्रीट डॉग्स ने काटा, जबकि 215 को अन्य जीव-जंतु और कीड़ों ने नुकसान पहुंचाया. इनमें से 137 लोग बिल्ली के काटने से पीडि़त थे, 36 लोग बंदरों के हमले का शिकार हुए, और 42 लोग अन्य जीव-जंतु और कीड़ों के कारण घायल हुए. पिछले महीने जनवरी में भी 4,435 लोग आवारा डॉग्स के बाइट का शिकार हुए थे, जबकि फरवरी 2024 में 4,025 पीडि़त स्ट्रीट डॉग्स के हमले से घायल हुए थे और बिल्ली ने 76, बंदर ने 31, और अन्य जीव-जंतु और कीड़ों ने 55 लोगों को काटा.
