
जबलपुर। सिंगौद में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कई महीनों से ताला लगा हुआ है, जिससे नौनिहालों का भविष्य अंधकार में डूब गया है। कलेक्टर के सख्त निर्देश के बावजूद स्कूल का ताला नहीं खोला गया। इस तानाशाही और मनमानी से परेशान होकर ग्रामीणों ने महिलाओं के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की ।
शिकायत के मुताबिक, सिंगौद के सरकारी स्कूल में बीते 1 अप्रैल से ताला जड़ा हुआ है। नए सत्र में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने पर क्षेत्रीय नागरिकों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में गुहार लगाई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को तुरंत स्कूल का ताला खुलवाकर पढ़ाई शुरू कराने का आदेश दिया था। आरोप है कि इसके बावजूद जिम्मेदारों ने अपने पद का दुरुपयोग किया और कलेक्टर के आदेश को ताक पर रखकर स्कूल बंद रखा।
स्कूल बंद होने के कारण नए बच्चों के एडमिशन रुक गए हैं। जिन बच्चों का दाखिला पहले से है, उनके सामने पढ़ाई का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी अब बच्चों को सिंगौद से करीब 10 से 12 किलोमीटर दूर ग्राम रैपुरा के स्कूल में जाने का दबाव बना रहे हैं। इतनी दूर जाने के लिए ऑटो चालक हर बच्चे से 1500 प्रति माह का किराया मांग रहे हैं। रोजाना मजदूरी करने वाले गरीब परिवारों के लिए यह खर्च उठाना मुमकिन नहीं है।
