सना/तेहरान, 14 जुलाई (वार्ता) यमन के सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए सऊदी हमले के विरोध में देश के विभिन्न प्रांतों में सशस्त्र जनजातीय सभाएं तथा विरोध प्रदर्शन आयोजित किये गये हैं और प्रदर्शनकारियों ने यमन की सशस्त्र सेनाओं के प्रति समर्थन जताते हुए हमले का जवाब देने की मांग की है। यमनी मीडिया ने अल-मसीरा नेटवर्क के हवाले से यह जानकारी देते हुए बताया कि हज्जाह, रायमा, अल-महवित और इब्ब प्रांतों में सऊदी हवाई हमले के विरोध में रैलियां और मार्च निकाले गये।
रिपोर्ट के अनुसार, हज्जाह प्रांत के अल-महाबशाह जिले की जनजातियों ने सशस्त्र सभा आयोजित कर सना हवाई अड्डे पर हुए हमले की निंदा की और यमनी सशस्त्र बलों की कार्रवाई का समर्थन किया।
सभा में शामिल लोगों ने यमन की नाकेबंदी समाप्त करने के मुद्दे पर ईरान के रुख का समर्थन किया तथा सैन्य प्रशिक्षण और लामबंदी में शामिल होने की तत्परता व्यक्त की। उन्होंने अंसारुल्लाह आंदोलन के नेता को हमले के जवाब और नाकेबंदी हटाने के संबंध में निर्णय लेने के लिए पूर्ण अधिकार देने की भी घोषणा की। उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार ने सोमवार को सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला कर वहां एक ईरानी विमान के उतरने को रोक दिया था।
यमन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान में दिवंगत नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने गये हूसी प्रतिनिधिमंडल ने यमनिया एयरलाइंस की उड़ान से लौटने से इनकार कर दिया था और ईरानी विमान से लौटने पर अड़ा हुआ था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गयी। इस बीच ईरान ने सना हवाई अड्डे पर सऊदी समर्थित सरकार के हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून तथा यमन की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बघाई ने सोमवार को कहा कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और यमन की राष्ट्रीय संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन है।
इससे पहले, हूती आंदोलन ने सऊदी अरब पर सना हवाई अड्डे पर बमबारी का आरोप लगाते हुए जवाबी कार्रवाई में मिसाइलें दागीं। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया कि दक्षिणी क्षेत्र की ओर दागी गई हूसी मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि उनकी सेना ने यमन सीमा से लगे सऊदी अरब के अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया। मार्च 2022 में अनौपचारिक युद्धविराम लागू होने के बाद सऊदी अरब के खिलाफ हूसियों द्वारा किये गये ये पहले हमले बताये जा रहे हैं।

