नयी दिल्ली, 11 अगस्त (वार्ता) दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा है कि दिल्ली के स्कूलों में अगले चार साल में 21 हजार स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे।
श्री सूद ने यहां सोमवार को वसंत विहार स्थित मॉडर्न स्कूल के गोल्डन जुबली समारोह में कहा कि इस स्कूल का 50 साल का यह सफर सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, सपनों और मूल्यों से भरी आधी सदी की यात्रा है, जिसने हजारों विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाया है।
उन्होंने स्कूल के 50वें वर्ष को आत्ममंथन का अवसर बताया और कहा, ”हमें सोचना होगा कि जब हम स्कूल से शिक्षा पूरी कर जाएंगे तब हम देश और दिल्ली को क्या लौटाएंगे। आज भारत के सामने जलवायु परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नैतिक उपयोग, सेमीकंडक्टर की जियोपॉलिटिक्स, पानी और ऊर्जा की कमी जैसी विकट चुनौतियां हैं। इनसे निपटने के लिए नई पीढ़ी को भारतीय मूल्यों और आधुनिकता का संगम बनकर आगे आना होगा।”
श्री सूद ने कहा कि देशभक्ति केवल तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों और अनुशासन में भी दिखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर दिल्ली में ‘ईच वन क्लीन वन’ स्वच्छता अभियान चलाया गया है और इसे आदत में बदलना ही असली योगदान है।
उन्होंने कहा, ”हमें खुद वह बदलाव बनना होगा, जो हम देश में देखना चाहते हैं।” उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े परिवर्तन ला रही है। दिल्ली के स्कूलों में अगले चार साल में 21 हजार स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे। साथ ही स्कूलों में एआई आधारित लैंग्वेज लैब्स और फेसियल रिकग्निशन से अटेंडेंस सिस्टम भी लागू किया जाएगा।
श्री सूद ने कहा कि पहले सरकारी स्कूलों से ही आईएएस, डॉक्टर और इंजीनियर निकलते थे और अब दिल्ली सरकार फिर से सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों के बराबर सुविधाएं दे रही है। इसके लिए प्राइवेट स्कूलों के अनुभव और सुझाव भी लिए जाएंगे, ताकि मिलकर दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।

