नयी दिल्ली, 06 जून (वार्ता) चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर रिजर्व बैंक के अनुमान से बेहतर रह सकती है।
एसबीआई रिसर्च की शनिवार को जारी इकोरैप रिपोर्ट में यह बात कही गयी है। इसमें वित्त वर्ष 2025-26 के एक दिन पहले जारी आंकड़ों और चालू वित्त वर्ष में अबतक उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यह संभावना व्यक्त की गयी है।
रिपोर्ट में कहा गया है, “अप्रैल और मई के (ताजा उपलब्ध) नियमित जारी होने वाले आंकड़े दिखाते हैं कि (पहली तिमाही में) वृद्धि की रफ्तार औसत से ज्यादा है। यदि यही रुख जून में भी जारी रहा तो हमें विश्वास है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वृद्धि दर आरबीआई के तिमाही अनुमान 6.6 प्रतिशत से ऊपर रह सकती है।”
उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को अपने नीतिगत बयान में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 6.3 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 6.5 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया था। उसने कहा था कि पूरे वित्त वर्ष में वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहेगी।
इकोरैप रिपोर्ट में कहा गया है कि गत 31 मार्च को समाप्त पिछले वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर अनुमान से बेहतर रही है। इसका एक प्रमुख कारण यह है कि नयी सीरीज में असंगठित क्षेत्र के आंकड़ों को ज्यादा बेहतर ढंग से शामिल किया गया है। पहले असंगठित क्षेत्र के लिए सिर्फ एक अनुमान के आधार पर गणना की जाती थी। अब वास्तविक आंकड़ों से उसकी गणना की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को जारी प्राथमिक अनुमान के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत और पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 7.8 प्रतिशत रही थी।
