मनामा/कुवैत सिटी, 06 जून (वार्ता) बहरीन और कुवैत ने शनिवार को अपने क्षेत्रों पर हुए नए ईरानी हमलों की संयुक्त रूप से कड़े शब्दों में निंदा की है तथा चेतावनी भी दी है कि ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा युद्धविराम के बावजूद यह हालिया सैन्य तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर रूप से खतरा है।
दोनों देशों ने स्पष्ट किया कि ये हवाई हमले उनकी संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन हैं और इससे इस व्यापक संघर्ष के पूरे क्षेत्र में फैलने का नया खतरा पैदा हो गया है।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ये हमले एक “खतरनाक सैन्य तनाव” हैं, जिससे उनके नागरिकों और वहां रह रहे विदेशी प्रवासियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। मंत्रालय ने आगे कहा कि ये हमले कुवैत की संप्रभुता का खुला उल्लंघन हैं और उन्होंने ऐसी कार्रवाइयों को तुरंत रोकने की मांग की जो क्षेत्र को और अधिक अस्थिर कर सकती हैं।
अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय की मेजबानी करने वाले बहरीन ने भी अपने क्षेत्र पर ईरानी मिसाइल दागे जाने की पुष्टि की है। बहरीन ने अपने क्षेत्र पर हुए हमलों की निंदा करने के साथ-साथ पड़ोसी देश कुवैत को निशाना बनाए जाने पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।
यह ताजा सैन्य टकराव अमेरिकी सेना के शुक्रवार के उस बयान के बाद सामने आया है, जिसमें दावा किया गया था कि ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। इससे कुछ घंटे पहले ही ईरान के चार हमलावर ड्रोनों को उनके लक्ष्यों तक पहुँचने से पहले ही मार गिराया गया था। अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, सात में से छह मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया गया, जबकि सातवीं मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुँचने में विफल रही।
सेंटकॉम ने स्पष्ट किया कि इस हमले में किसी भी अमेरिकी कर्मी को कोई चोट नहीं आई है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि इन हमलों में बहरीन स्थित अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुँचा है। दूसरी ओर, ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (आईआरजीसी) का कहना है कि उन्होंने हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में “दुश्मन के ठिकानों” को निशाना बनाया था।
ईरान ने दावा किया कि ये हमले उन अमेरिकी अभियानों के जवाब में किए गए, जिनमें कथित तौर पर ईरान के भीतर रडार प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया था और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ड्रोनों को मार गिराया गया था। इस नए घटनाक्रम ने अप्रैल में हुए नाजुक युद्धविराम को और कमजोर कर दिया है, साथ ही युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रहे राजनयिक प्रयासों को भी बड़ा झटका लगा है।
