इंदौर: एरोड्रम थाना क्षेत्र के हम्माल कॉलोनी में हाल ही में हुए पथराव के मामले में पुलिस ने एक नई मिसाल कायम की है. इस बार सजा एकदम अलग अंदाज में थाने में बैठाकर 11 घंटे तक डोजियर फॉर्म भरवाए गए. गलती करने पर फॉर्म दोबारा भरवाया गया, जिससे कई बदमाशों के तो पसीने छूट गए. अब जिओ टेग के माध्यम से पुलिस ने अपराधियों की पूरी प्रोफाइल तैयार कर ली हैं, भविष्य में इनके द्वारा किसी भी तरह का अपराध करने पर इनके बैंक खाते तक सील कर दिए जाएंगे.
हर थाना क्षेत्र के अपराधियों पर पुलिस जिओ टेग से विशेष नजर रख रही है. दरअसल, बीते दिनों हम्माल कॉलोनी में शुभम सोनी, नितेश मेहता, दीपांशु यादव, अंशु यादव, अर्पित राजपूत, महेंद्र सोनवाने, अंकित सोनी, दीपक सोनी, ऋतिक भवन, सोनू यादव, सनी सेन, राज चौहान, कर्तव्य मटके, रोशन शिंदे और रोहित शिंदे सहित कुल 15 आरोपियों ने आपसी विवाद में जमकर पथराव किया था.
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई. कमिश्नर संतोष सिंह ने इस बार कार्रवाई को सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित न रखते हुए एक सतर्कता आधारित रणनीति अपनाई. डीसीपी विनोद कुमार मीना के निर्देश पर सभी आरोपियों को थाने बुलाकर डोजियर फॉर्म भरवाने की कार्रवाई की गई. इसमें उनके नाम, पते, आधार कार्ड, सोशल मीडिया, बैंक अकाउंट, पारिवारिक पृष्ठभूमि और संपर्कों की जानकारी ली गई.
वहीं एरोड्रम थाना प्रभारी तरुण भाटी ने नव भारत को कहा कि यह सजा नहीं, बल्कि एक अवसर है अपराधियों को खुद को सुधारने का. उच्चाधिकारियों की यह पहल अपराधियों को मानसिक रूप से झकझोरने का प्रयास है. डोजियर भर रहे अपराधियों द्वारा अगर डोजियर में किसी भी प्रकार की गलती हो गई तो उन्हें उन्हें दोबारा फॉर्म भरना पड़ा, जिसके चलते कुछ अपराधियों को करीब 11 घंटे तक थाने में बैठना पड़ा.
