इंदौर:नवरतनबाग में महिला अधिकारी की हत्या के मामले में आरोपी पति वारदात के तीसरे दिन भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. उसकी तलाश में पांच टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. इधर, अंतिम संस्कार के बाद मृतका की बेटी ने सामने आकर पिता पर वर्षों तक प्रताड़ित करने के आरोप लगाए और कहा कि वह जिंदा मिलना चाहिए, ताकि उसे उसके किए की कड़ी सजा मिल सके.
रेल डाक सेवा में असिस्टेंट पोस्टल अधिकारी उर्मिला सैनी की हत्या के बाद उनकी बेटी प्रेक्षा पहली बार मीडिया के सामने आई. उसने बताया कि उसके पिता पिछले करीब 15 वर्षों से मां पर बेवजह शक करते थे और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे. पहले भोपाल में रहने के दौरान और बाद में इंदौर आने के बाद भी वे दूसरे लोगों के नाम जोड़कर विवाद करते थे. विरोध करने पर मां के साथ मारपीट करते थे. एक बार बीच बचाव करने पर उसके सिर पर भी वस्तु फेंककर मारी थी, जिसका निशान आज भी है. उधर, संयोगितागंज पुलिस आरोपी अखिलेश सैनी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है.
पुलिस को उसकी आखिरी लोकेशन बस स्टैंड के आसपास मिली थी. आरोपी अपने साथ एटीएम कार्ड भी ले गया है, लेकिन घटना के बाद से उसने किसी तरह का बैंक ट्रांजेक्शन नहीं किया, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात के दौरान आरोपी ने घर में टीवी की आवाज तेज कर दी थी, ताकि महिला की चीख पुकार बाहर तक न पहुंच सके और आसपास के लोगों को घटना की भनक न लगे. आरोपी की तलाश तेज करने के लिए संयोगितागंज पुलिस ने होटल संचालकों के सोशल मीडिया ग्रुप में उसकी तस्वीर भी जारी की है. पुलिस ने होटल संचालकों से अपील की है कि यदि आरोपी कहीं दिखाई दे या ठहरा हो तो तत्काल सूचना दें
