मैनेजर समेत साथी को बंधक बनाकर पीटा, 45 हजार ऑनलाइन ट्रांसफर करवाये

जबलपुर: बरेला में पार्टनरशिप विवाद को लेकर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर और उसके साथी को बंधक बना लिया गया। आरोपियों ने डरा धमकाकर पीडि़तों के मोबाइल छीनकर फोनपे के जरिए जबरन 45, 000 ट्रांसफर करवा लिए और 10 लाख की रंगदारी न देने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उनकी पिटाई की। पुलिस ने रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कांचघर चौक घमापुर निवासी वरुण कुमार श्रीवास्तव स्टोन क्रशर प्लांट की मार्केटिंग कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर हैं, महेंद्र प्रसाद ने उन्हें कॉल कर बताया कि एक ग्राहक नया प्लॉट देखना चाहता है। इसके बाद वरुण अपने साथी शेखर गुप्ता के साथ पैतृक गांव मतावरी थाना कुठला जिला कटनी से मीटिंग के लिए इंडियन कॉफी हाउस घंटाघर पहुंचा वहां महेंद्र प्रसाद का साथी अंकित दाहिया उन्हें मिला, जो एक कार से आया था। अंकित ने महेन्द्र से कहा कि ग्राहक के पास समय न होन के कारण उसने साईड पर मीटिंग के लिए बुलाया है इसके बाद बरेला चलने के लिए बोला, उसकी कार में महेन्द्र प्रसाद और शेखर गुप्ता को बैठाया। अंकित दाहिया अपनी कार से आगे बरेला तरफ जाने लगा। पीछे पीछे हम अपनी कार से जा रहे थे । बरेला की तरफ घुपरी गांव स्थित रिकी सोनकर के खेत में ले गया।
बंधक बनाकर छीने तीन मोबाइल, पूछे पासवर्ड
खेत पर पहले से घात लगाए बैठे राजेश पटेल, राजकुमार विश्वकर्मा और उनके गुर्गों ने वरुण और शेखर को घेर लिया। आरोपियों ने तुरंत दोनों के तीन मोबाइल फोन छीनकर बंद कर दिए। इसके बाद राजेश पटेल ने पुरानी पार्टनरशिप टूटने का हवाला देते हुए कड़े तेवर दिखाए। उसने पीडि़तों को धमकाते हुए कहा, अगर दो दिन के भीतर 10 लाख नहीं दिए, तो जान से मार दूंगा। जब वरुण ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने उनके साथ जमकर मारपीट की और थप्पड़ जड़े। इसके बाद डरा-धमकाकर उनके मोबाइल के लॉक पासवर्ड पूछ लिए गए।
फोनपे से की डिजिटल डकैती
मोबाइल अनलॉक करने के बाद आरोपियों ने दोनों के बैंक खातों का बैलेंस चेक किया। शेखर गुप्ता के खाते से 40,000 निकालकर वरुण श्रीवास्तव के खाते में डाले गए। इसके बाद वरुण के खाते में मौजूद कुल रकम में से 45,000 फोनपे बारकोड स्कैनर के माध्यम से मुख्य आरोपी राजेश पटेल ने सीधे अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। पैसे ट्रांसफर करने के बाद भी आरोपियों का मन नहीं भरा। उन्होंने पीडि़तों के आधार कार्ड जबरन छीन लिए आरोपियों ने पीडि़तों को धमकी दी कि अगर इस बारे में किसी को भी बताया, तो अंजाम भुगतना होगा। इसके बाद आरोपी अपनी सफारी और अर्टिगा कारों में सवार होकर मौके से फरार हो गए। घटना से सहमे पीडि़त किसी तरह बरेला थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

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