
इंदौर छत्रीबाग स्थित श्री लक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान में चल रहे श्री ब्रह्मोत्सव एवं रथयात्रा महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को भगवती पराम्बा राजराजेश्वरी श्रीमहालक्ष्मी जी का रजत कलशों की सहस्त्रधारा से भव्य महाभिषेक किया गया। इसके बाद स्वर्ण मंगलगिरी रात्रि 8:30 पर माता की शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।पंकज तोतला ने बताया कि उत्सव मंडप में 500 से अधिक दंपतियों सहित हजारों वैष्णव श्रद्धालुओं ने “ॐ श्रियं श्रियै नमः” मंत्रोच्चार के साथ सामूहिक कुमकुम अर्चना कर सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना की। शाम को विद्यार्थियों द्वारा स्तोत्र पाठ और भजन गायक राजेश सांखला की भजन प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। शनिवार को देवस्थान का पूरा वातावरण हनुमंत लाल मय हो गया था प्रभु वेंकटेश जी ने अहनुमंत लाल के हाथ मे विराजमान होकर श्री राम।नई स्वरूप के दर्शन दिए।बाहर के प्रांगड़ में चारो ओर सुंदरकांड के पावन चरित्र के दर्शन हुए जिसमे एक तरफ हनुमानजीमहाराज सूर्य को निगलते दिखाई दिए तो दूसरी ओर पानी की लहरों में सुरसा के मुख में जाते हुए दिए।वही लंका का दहन करते नजर आए।स्तुति लाहोटी ने बताया कि 12 जुलाई को प्रातः प्रभु श्री वेंकटेश जी का रजत कलशों से महाभिषेक एवं संत सभा होगी। रात्रि 8:30 बजे प्रभु श्री वेंकटेश जी की छोटी रथयात्रा छत्रीबाग क्षेत्र में निकलेगी। उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान महिला मंडल की सदस्याएं प्रतिदिन भगवान के लिए पुष्प मालाएं तैयार कर सेवा कर रही हैं, जिनसे प्रतिदिन विशेष श्रृंगार किया जाता है।
