जबलपुर: मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के रांझी जोन में बिजली कनेक्शन के नाम पर फर्जीवाड़ा हुआ। विभाग के ही तीन आउटसोर्स कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को अंधेरे में रखकर बिना सरकारी रसीद के अवैध रूप से बिजली मीटर लगा दिए और उपभोक्ताओं से 98 हजार रुपये वसूल लिए। विभागीय शिकायत के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार रांझी जोन के प्रभारी सहायक अभियंता सियाराम शरण नायक द्वारा रांझी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि नियमानुसार, किसी भी नए कनेक्शन के लिए उपभोक्ता को निर्धारित प्रक्रिया के तहत कंपनी की वेबसाइट पर आवेदन कर ऑनलाइन शुल्क जमा करना होता है। इसके बाद ही आधिकारिक तौर पर मीटर अलॉट होता है। लेकिन जोन में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत राहुल पटेल, अमर लोधी और दीपक अहिरवार ने आपसी सांठगांठ कर ठेका कंपनी (मोंटे कार्लो) द्वारा उपलब्ध कराए गए सरकारी मीटरों को बिना कोई शुल्क जमा कराए और बिना विभागीय अनुमति के सीधे उपभोक्ताओं के घरों और परिसरों में स्थापित कर दिया।
आरोपियों ने न सिर्फ अवैध रूप से मीटर टांगे, बल्कि बिना किसी वैध कागजात के सीधे विद्युत प्रवाह भी चालू कर दिया। जांच में सामने आया है कि कर्मचारियों ने खुद को कंपनी का अधिकृत अधिकारी बताते हुए अलग-अलग उपभोक्ताओं को झांसा दिया और उनसे कुल 98,000 की अवैध नगद राशि वसूल ली। इस तरह आरोपियों ने न केवल भोले-भाले उपभोक्ताओं को ठगा, बल्कि बिजली कंपनी को भी भारी वित्तीय क्षति पहुँचाई। पुलिस ने आरोपी राहुल पटेल, अमर लोधी और दीपक अहिरवार के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। साथ ही यह पता लगाने में भी पुलिस जुटी है कि इस सिंडिकेट में बिजली कंपनी के कुछ और लोग भी तो शामिल नहीं हैं।
