
दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद जिले का राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने टिकट बदलने की मांग को लेकर दतिया-ग्वालियर हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ। कल दतिया बंद का आह्वान भी किया गया है।
नरोत्तम मिश्रा के समर्थक प्रदर्शनकारियों ने भाजपा नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जताते हुए टिकट बदलने की मांग की। समर्थकों का कहना है कि यदि पार्टी ने अपने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो शनिवार को दतिया के बाजार बंद रखे जाएंगे। अधिकांश दुकानें शाम से ही बंद हो गईं। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाईवे पर बैठ गए, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
*मिश्रा का टिकट कटते ही फूटा समर्थकों का गुस्सा*
पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट करते ही विरोध तेज हो गया. कार्यकर्ताओं ने दतिया बीजेपी जिला कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और नेशनल हाईवे-44 पर जाम लगा दिया. हजारों समर्थकों ने नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में जमकर नारेबाजी की. तमाम महिलाएं सड़क पर लेट गईं। गौरतलब है कि बीजेपी ने उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया है. विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए रखी.
पूर्व गृह मंत्री मिश्रा के नजदीकी माने जाने वाले नेताओं ने नाराजगी के साथ कहा कि दतिया के इतिहास में आज काला दिन है, दतिया जिले के सभी पदाधिकारी रोड पर चक्काजाम कर रहे हैं। व्यापारियों ने बाजार बंद कर दिये है और पदाधिकारी अपना इस्तीफा देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि टिकिट को तुरंत बदला जाये, नहीं तो पोलिंग बूथ पर एजेंट भी नहीं मिलेंगे। उन्होंने पार्टी को चेतावनी दी कि आज चक्का जाम किया है, कल दिल्ली कूच करेंगे। नरोत्तम समर्थकों ने संगठन से कहा कि टिकिट को तुरंत बदला जाये।
*भाजपा जिलाध्यक्ष समेत सभी पार्षदों ने दिए इस्तीफे*
दतिया बीजेपी के जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह समेत सभी बीजेपी पार्षदों एवं पार्टी के कई प्रमुख पदाधिकारियों ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के विरोध में अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया है।
*पूर्व विधायक ममता का फूटा गुस्सा, दी बड़ी चेतावनी*
पूर्व भाजपा विधायक ममता मीना ने कहा है कि नरोत्तम मिश्रा एक बड़े सनातनी नेता हैं. उन्होंने दतिया के डबरा क्षेत्र में भव्य नवग्रह मंदिर बनवाया था. वह प्रदेश की चुनाव समिति के सदस्य भी थे. इसके बावजूद उनका टिकट काट दिया गया. मीना के अनुसार, इस फैसले से नरोत्तम मिश्रा और उनके कार्यकर्ताओं को गहरा दुख पहुंचा है. पूर्व विधायक ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी अब अपने वरिष्ठ और बड़े नेताओं को लगातार दरकिनार कर रही है. उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह चाचौड़ा से उनका टिकट काटा गया, वैसे ही अब अन्य बड़े नेताओं के साथ हो रहा है. ममता मीना ने प्रह्लाद पटेल, उमा भारती, कैलाश विजयवर्गीय, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे का नाम लिया. उन्होंने दावा किया कि इन सभी कद्दावर नेताओं को संगठन में हाशिए पर डाल रहा है.
ममता मीना ने नरोत्तम मिश्रा की 2023 की हार को भी एक साजिश बताया. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि मिश्रा को राज्यसभा भेजा जाएगा या प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने इसे एक बड़े नेता की राजनीतिक रूप से ‘हत्या’ करार दिया. ममता मीना ने पार्टी के भविष्य को लेकर बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने अंदेशा जताया कि जिस तरह कांग्रेस दो हिस्सों में बंट गई थी, वैसा ही हाल भाजपा का भी हो सकता है. उनके अनुसार, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा में विभाजन की स्थिति बन सकती है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की ताकि दतिया जैसी घटना कहीं और न दोहराई जाए.
