
जबलपुर। हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा से दंडित आरोपी ने गर्भवती पत्नी की देखभाल के लिए अस्थाई जमानत के लिए आवेदन किया था। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल तथा जस्टिस ए के सिंह की युगलपीठ को बताया गया कि अपीलकर्ता की पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया है। युगलपीठ ने पत्नी व बच्चे की देखभाल के लिए अपीलकर्ता को 12 दिनों की अस्थाई जमानत प्रदान की है।
अपीलकर्ता लाला राम वैश्य सहित चार आरोपियों को सिंगरौली जिला न्यायालय ने हत्या के आरोप में दोषी ठहराते हुए जनवरी 2026 को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया था। आरोपी ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील की सुनवाई के दौरान उसकी तरफ से गर्भवती पत्नी की देखभाल के लिए अस्थाई जमानत प्रदान करने का आवेदन दायर किया गया था।
युगलपीठ ने आवेदन की सुनवाई करते हुए अस्थाई जमानत के लिए अपीलकर्ता के द्वारा बताये गये कारणो की पुष्टि के निर्देश दिये थे। याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि अपीलकर्ता की पत्नी ने आज एक बच्चे को जन्म दिया है। जिसकी पुष्टि सरकारी अधिवक्ता के द्वारा की गयी। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद अपीलकर्ता को पत्नी व बच्चे की देखभाल के लिए 12 दिनों की अस्थाई जमानत प्रदान की है। युगलपीठ ने अपीलकर्ता को निर्देशित किया है कि वह 20 जुलाई की शाम 5 बजे तक ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण कर दे।
