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भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने पुलिस कर्मियों की सेवा प्रबंधन व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और पूर्णतः डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 1 जुलाई 2026 से प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों में इलेक्ट्रॉनिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (ई-एचआरएमएस) का ई-लीव मॉड्यूल लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अब ऑनलाइन अवकाश आवेदन, स्वीकृति और अपने आवेदन की अद्यतन स्थिति एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देश पर लागू की गई यह व्यवस्था कागजी प्रक्रिया को कम करने के साथ-साथ अवकाश स्वीकृति प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाएगी। कर्मचारी अब ई-एचआरएमएस पोर्टल तथा मोबाइल एप के माध्यम से रियल टाइम में अपने अवकाश आवेदन की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
यह पहल मध्यप्रदेश पुलिस के व्यापक डिजिटल परिवर्तन कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत जुलाई 2025 में सेवा अभिलेखों के डिजिटलीकरण से हुई थी। मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के सहयोग से एक लाख से अधिक सेवा पुस्तिकाओं की स्कैनिंग की जा चुकी है तथा लगभग एक लाख पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को ई-एचआरएमएस प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है।
ई-लीव मॉड्यूल का प्रारंभिक परीक्षण राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी), कार्मिक शाखा, विशेष शाखा, भोपाल रेल पुलिस तथा 25वीं वाहिनी, भोपाल में किया गया था। प्राप्त सुझावों के आधार पर इसमें आवश्यक सुधार किए गए, जिसके बाद इसे प्रदेश की लगभग 120 पुलिस इकाइयों में लागू कर दिया गया।
वर्तमान में ई-एचआरएमएस प्लेटफॉर्म से करीब 1,01,928 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही मध्यप्रदेश पुलिस राज्य शासन के विभागों में ई-एचआरएमएस की ई-लीव प्रणाली का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता विभाग बन गया है। अधिकारियों का कहना है कि नई डिजिटल व्यवस्था से अवकाश प्रबंधन अधिक सुगम, समयबद्ध और जवाबदेह होगा।
