
आशीष कुर्ल भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले आज आए दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति को झटका दिया है। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को कथित सहकारी ग्रामीण विकास बैंक एफडी घोटले में दोषी ठहराए जाने के बाद पार्टी बैकफुट पर है। एक ओर सुप्रीम कोर्ट में संभावित कानूनी लड़ाई, तो दूसरी ओर उपचुनाव की समय-सीमा को देखते हुए कांग्रेस ने प्लान-बी पर मंथन शुरू कर दिया है। संभावित नए उम्मीदवारों के नामों पर संगठन स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है और स्थानीय राजनीतिक व जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
फैसले के बाद पार्टी उपचुनाव की तैयारियों में जुट गई है, हालांकि इस बात पर भी नजर बनाए हुए है कि राजेंद्र भारती सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती देते हैं या नहीं। सूत्रों के अनुसार, राजेंद्र भारती के सर्वोच्च न्यायालय जाने की संभावना बनी हुई है, लेकिन उपचुनाव की समय-सीमा को देखते हुए पार्टी अब किसी भी परिस्थिति के लिए वैकल्पिक योजना तैयार कर रही है। उनकी उम्मीदवारी को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच जिला स्तर के नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों से लगातार चर्चा की जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में वरिष्ठ नेता दतिया की राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि कांग्रेस को नया उम्मीदवार उतारना पड़ता है तो दो नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। इनमें राजेंद्र भारती की पत्नी शोभा भारती का नाम सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है, जबकि वरिष्ठ स्थानीय नेता अवधेश नायक भी गंभीर दावेदारों में शामिल हैं।
हालांकि राजेंद्र भारती सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य उपचुनाव नहीं लड़ेगा। इसके बावजूद पार्टी के भीतर संभावित विकल्पों पर मंथन जारी है और अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाने वाली दतिया विधानसभा सीट पर ब्राह्मण और राजपूत मतदाताओं की निर्णायक भूमिका मानी जाती है। ऐसे में कांग्रेस संगठनात्मक मजबूती, स्थानीय स्वीकार्यता और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार चयन की रणनीति पर काम कर रही है।
