तेहरान, 10 जुलाई (वार्ता) अमेरिका के साथ इस सप्ताह हुए भारी सैन्य टकराव के बाद ईरान ने तनाव को शांत करने और खुद को कूटनीतिक रूप से मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर राजनयिक प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसी सिलसिले में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को पश्चिमी एशिया और पड़ोसी देशों के शीर्ष नेताओं व मंत्रियों से फोन पर बात की। यह बातचीत अमेरिका और ईरानी बलों के बीच पिछले कई दिनों से जारी सैन्य टकराव के बाद हुई है। इस टकराव की शुरुआत कथित तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान की नौसेना द्वारा किए गए हमलों के बाद हुई थी। गुरुवार से हालांकि दोनों ओर से हमलों में कमी हो गयी है।
क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए श्रीअराघची ने ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल्बुसैदी और तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान से अलग-अलग बातचीत की। इस दौरान सभी नेताओं ने सहमति जताई कि पश्चिम एशिया में स्थिरता के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखना बेहद जरूरी है, ताकि होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में तनाव को और बढ़ने से रोका जा सके। श्री अराघची ने पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से भी बात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी हमलों पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई ईरान की संप्रभुता पर हमला है और दोनों देशों के बीच हुए संघर्षविराम समझौते का सीधा उल्लंघन है। इसके बाद, ईरानी विदेश मंत्री ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद से भी संपर्क किया। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्र की सुरक्षा और अमेरिकी हमलों से उपजे हालातों पर विस्तृत चर्चा हुई। ईरान इन सभी वार्ताओं के जरिए अमेरिका द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ क्षेत्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।

