
घायलों व गर्भवती महिलाओं की सेवा के लिए हुआ सम्मान
इंदौर। शहर में सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से इंदौर यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ट्रैफिक एजुकेशन विंग के प्रधान आरक्षक रणजीत सिंह व आरक्षक सुमंत सिंह कछावा ने ई-रिक्शा चालक महिलाओं को यातायात नियमों की जानकारी दी और उन्हें सुरक्षित वाहन संचालन के लिए प्रशिक्षित किया।
इस दौरान महिलाओं को महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए गए जिनमें प्रमुक रुप से ई-रिक्शा चालकों को बताया गया कि, क्षमता से अधिक सवारी न बैठाएं, क्योंकि इससे वाहन असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है।, सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से वाहन रोकने से यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ती है।, रेड लाइट का पालन करें और लेफ्ट टर्न को बाधित न करें।, निर्धारित स्थानों से ही सवारी बैठाएं और अचानक ब्रेक लगाने से बचें। महिलाओं ने इस प्रशिक्षण को सराहा और यातायात नियमों का पालन करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने यह भी बताया कि वे घायलों और गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क सेवा करती हैं। कई महिलाओं ने बताया कि पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उन्होंने ई-रिक्शा चलाना शुरू किया था, लेकिन अब यह उनके लिए एक सम्मानजनक रोजगार बन गया है।
यातायात पुलिस ने किया सम्मानित
यातायात पुलिस ने इन महिलाओं के योगदान को सराहते हुए उन्हें सम्मानित किया। साथ ही, ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट श्रीराम सेवा संकल्प की ओर से महिलाओं को वाहन प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कल्पना, रोशनी, श्वेता, हिना और कंचन को ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किए गए। इस अवसर पर डूडा परियोजना अधिकारी प्रवीण उपाध्याय, ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से मंगेश कदम, महेश पाटीदार, बबीता सालवी, सानिया शेख और अनिकेत मिश्रा उपस्थित रहे। यातायात पुलिस द्वारा इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे ताकि शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
