शादी के नौ महीने बाद विवाहिता की मौत, मायके वालों ने उठाए सवाल; दहेज प्रताड़ना का आरोप

छतरपुर। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में 23 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद मायके पक्ष ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने तथा हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

 

मृतका सुबूही खातून मूल रूप से बड़ी कुंजरेटी की रहने वाली थीं। उनका विवाह 12 अक्टूबर 2025 को टीकमगढ़ में आयोजित विवाह सम्मेलन के माध्यम से फिरोज खान से हुआ था, जबकि निकाह छतरपुर में संपन्न हुआ था। विवाह के बाद वह हाउसिंग बोर्ड स्थित ससुराल में रह रही थीं।

 

मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति फिरोज खान, सास नजमा, ननद शायमा और जेठ मौसिम एक लाख रुपये की अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर सुबूही के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती थी।

 

परिजनों का कहना है कि घटना वाले दिन दोपहर में भी सुबूही के साथ मारपीट हुई थी। शाम करीब 5:50 बजे बड़ी बहन रुक्सार को फोन कर बताया गया कि सुबूही ने फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही परिवार जिला अस्पताल पहुंचा, जहां उन्होंने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई। उनका आरोप है कि अस्पताल में हंगामे के दौरान ससुराल पक्ष के लोग वहां से चले गए।

 

घटना की सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मायके पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

यह शैली अधिक प्रवाहपूर्ण, संतुलित और अखबारी है, जिसमें आरोपों को स्पष्ट रूप से “मायके पक्ष का आरोप” बताया गया है और अपुष्ट बातों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

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